
मांझी ब्रांड हो चुका है; जीतनराम ने ‘2700 वोट से हारकर भी चुनाव जीतने’ वाले वीडियो को बताया फेक
केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो को भ्रामक करार दिया है, जिसमें उनके द्वारा कथित तौर पर 2700 वोटों से हारने के बावजूद डीएम की मदद से चुनाव जीतने की बता कही जा रही है। मांझी इसे वायरल करने वालों पर भड़क गए हैं।
केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी के सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो से बिहार की सियासत गर्मा गई है। लालू एवं तेजस्वी यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने भी यह वीडियो शेयर किया, जिसमें मांझी को 2020 के विधानसभा चुनाव में 2700 वोटों से हार रही एक सीट पर डीएम की मदद से जीत दिलाने की बात कहते दिखाया गया है। हालांकि, जीतनराम ने स्पष्ट किया कि उनके वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर वायरल किया गया है, मांझी अब ब्रांड बन गया है और यह उन्हें बदनाम करने की साजिश है।
हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के सुप्रीमो जीतनराम मांझी ने गुरुवार रात सोशल मीडिया पोस्ट में इस वीडियो को फेक बताया। उन्होंने कहा, “कुछ लोगों को लगता है कि मुसहर के लाल को बदनाम कर देंगें।ऐसे लोगों को मैं बता देना चाहता हूं कि अब मुसहर के बेटे को कोई ना तो अपमानित कर सकता है ना ही बेवकूफ बना सकता है। आसमान पर थूकने वालों तुम यह भूल रहे हो कि आसमान पर फेंका हुआ थूक तुम्हारे मुंह पर ही गिरेगा। अब मांझी ब्रांड हो चुका है, किसी से डरने वाला नहीं है।”
दरअसल, मांझी के इस पोस्ट से लगभग डेढ़ घंटे पहले आरजेडी के आधिकारिक हैंडल से एक वीडियो साझा किया गया। आरजेडी ने दावा किया कि इसमें बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं मौजूदा केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी डंके की चोट पर खुले मंच से चुनाव नतीजों में हेराफरी, मशीनरी और धांधली से चुनाव जीतने का फॉर्मूला बता रहे हैं।
आरजेडी ने कहा, "मांझी बता रहे हैं कि कैसे इनकी पार्टी ने 2020 में 2700 वोट से हारने के बाद भी टिकारी विधानसभा का चुनाव जीता था और कैसे त्रिपुरा कैडर के बिहार में पदस्थापित एक अधिकारी ने अनैतिक रूप से चुनाव जिताने में उनकी मदद की थी। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि कथित भ्रष्ट अधिकारी को इसका इनाम भी मिला और उन्हें बार-बार बिहार में एक्स्टेंशन मिलते रहे।
आरजेडी ने दावा किया कि केंद्रीय मंत्री मांझी इस बार 2025 चुनाव में टिकारी विधानसभा का चुनाव हारने और पिछला कारनामा ना दोहरा पाने पर अफसोस जता रहे हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि इन लोगों ने मिलकर दोनों चुनाव में तेजस्वी यादव का राजनीतिक वध करने का असफल प्रयास किया।





