सीएम सम्राट की पत्नी ममता चौधरी ऐक्शन में, मुंगेर में बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचीं; सरकार से करेंगी बात
ममता चौधरी ने इस मौके पर पीड़ितों से मुलाकात की और भोजन की गुणवत्ता और उपलब्धता के बारे में वहां तैनात कर्मियों और आम जनों से पूरी जानकारी ली।

Bihar News: बिहार में बाढ़ की समस्या भीषण बनी हुई है। इस बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पत्नी कुमारी ममता चौधरी भी ऐक्शन में हैं। वे घर से निकलकर बाढ़ पीड़ितों के बीच जा रही हैं और उनकी पीड़ा को समझ रही हैं। बुधवार को वे असरगंज प्रखंड के बाढ़ प्रभावित चौरगांव उत्तरवारी टोला, बिंद टोला, ढोलपहाड़ी और अमैया गांव का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ पीड़ितों से मिलकर उनकी समस्याओं की जानकारी ली एवं समाधान करने का आश्वासन दिया। उन्होंने विभिन्न स्थानों पर सामुदायिक किचन का निरीक्षण किया।
ममता चौधरी ने इस मौके पर पीड़ितों से मुलाकात की और भोजन की गुणवत्ता और उपलब्धता के बारे में वहां तैनात कर्मियों और आम जनों से पूरी जानकारी ली। मैडम सीएम को बाढ़ प्रभावित किसानों ने बताया कि करीब 20 दिनों से उनके खेतों में धान की फसल बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं। लगातार तीसरे साल बाढ़ की मार झेलने एवं धान की फसल की बर्बादी के कारण उनकी आर्थिक स्थिति दयनीय हो गई है। उन्होंने सरकार से उचित मुआवजा राशि उपलब्ध कराने की गुहार लगाई।
सरकार से करेंगी बात
ममता चौधरी ने पीड़ितों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को सरकार के समक्ष रखा जाएगा। बाढ़ पीड़ित क्षेत्र में महिलाओं की भीड़ जगह-जगह अपनी समस्यायों की जानकारी दी। ढोल पहाड़ी में बड़ी संख्या में महिलाओं ने क्षतिपूर्ति राशि एवं अस्थाई शौचालय की मांग की। मौके पर अंचल अधिकारी उमेश शर्मा, बीडीओ श्वेतमेता आनंद, प्रभारी थानाध्यक्ष भोला सिंह, जिला पार्षद प्रतिनिधि कुणाल चौधरी भाजपा मंडल उपाध्यक्ष बंटी सिंह भाजपा नेत्री रंभा कुमारी, सदानंद सिंह, पैक्स अध्यक्ष मैनन सिंह, सरपंच चंद्रशेखर आजाद, अरविंद सिंह, प्रमुख पिंकू मेहता सहित काफी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद थे।
गंगा खतरे के निशान से अब भी 57 सेमी. ऊपर
जिले में गंगा का जलस्तर बुधवार को भी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। केंद्रीय जल आयोग की ओर से जारी जलस्तर के अनुसार, बुधवार दोपहर दो बजे मुंगेर में गंगा का जलस्तर 39.90 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 39.33 मीटर है। इस तरह गंगा 57 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। हालांकि जलस्तर में मामूली गिरावट दर्ज की गई है। सुबह छह बजे जलस्तर 39.93 मीटर था, जो दोपहर दो बजे घटकर 39.90 मीटर हो गया।
कुतलूपुर-जाफरनगर समेत दियारा क्षेत्र में बाढ़ का दबाव
गंगा के जलस्तर में मामूली कमी के बावजूद सदर प्रखंड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संकट बरकरार है। कुतलूपुर, जाफरनगर और तारापुर दियारा सहित गंगा किनारे बसे निचले इलाकों में बाढ़ का पानी लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। खेतों में पानी फैलने से खरीफ फसलों को नुकसान की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों को ऊंचे और सुरक्षित स्थानों की ओर जाने में परेशानी हो रही है। पशुपालकों के सामने पशुओं के लिए चारा जुटाने की चुनौती भी बनी हुई है। शहरी क्षेत्र के लालदरवाजा, चुआबाग आदि के निचले इलाकों में सड़कों पा पानी है।
नौवागढ़ी उत्तरी में भी लोगों की बढ़ी परेशानी
सदर प्रखंड की नौवागढ़ी उत्तरी सहित गंगा के आसपास के निचले क्षेत्रों में बाढ़ का असर लगातार बना हुआ है। कई स्थानों पर आवागमन प्रभावित होने से ग्रामीणों को रोजमर्रा के काम के लिए अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ रही है। जलस्तर में कमी नहीं होने की स्थिति में और इलाकों में पानी फैलने की आशंका को लेकर ग्रामीण चिंतित हैं। मुखिया टुनटुन चौधरी ने ऐसे लोगों को राहत पहुंचाने के लिए लगातार जिला व स्थानीय प्रशासन के साथ संपर्क में है।


