मलमास मेला: राजगीर में 22 कोटि देवी-देवता का निवास, होगा शाही स्नान; रोज 5 लाख भक्त आएंगे
मलमास मेला: मेले में रोजाना चार से पांच लाख और शाही स्नान के दिन सात से आठ लाख श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने का अनुमान है। इस महाजनसैलाब को सुरक्षित रखने के लिए राजगीर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

मलमास मेला:अनादि काल से चली आ रही परंपरा का निर्वहन करते हुए पौराणिक नगरी राजगीर एक बार फिर आस्था के महाकुंभ के लिए सज-धजकर तैयार है। रविवार 17 मई की सुबह वैदिक मंत्रोच्चार, तीर्थ पूजन और देवी-देवताओं के आह्वान के साथ विश्व प्रसिद्ध मलमास मेला (पुरुषोत्तम मास) का शंखनाद हो जाएगा। मान्यता है कि इसके साथ ही सनातन धर्म के 33 कोटि देवी-देवता एक माह के लिए राजगीर में वास करने आ जाएंगे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इस ऐतिहासिक मेले का उद्घाटन करेंगे। खास यह कि 15 जून तक चलने वाले इस मेले के दौरान राजगीर को छोड़कर अन्य किसी भी स्थान पर मांगलिक व शुभ कार्य वर्जित रहेंगे।
श्रीराजगृह तीर्थ रक्षार्थ पंडा समिति के सचिव विकास उपाध्याय ने बताया कि परम पूज्य गुरुदेव संत शिरोमणि करपात्री अग्नहोत्री परमहंस स्वामी चिदात्मन जी महाराज सुबह 9: 00 बजे ध्वजारोहण करेंगे। इसके बाद मेले का विधिवत आगाज हो जाएगा। जबकि, सुबह साढ़े छह बजे से ही तीर्थपूजन व अन्य वैदिक कार्य शुरू कर दिये जाएंगे। जबकि, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 9:20 बजे मेला का विधिवत उद्घाटन करेंगें।
अभेद्य किले में तब्दील हुआ राजगीर
मेले में रोजाना चार से पांच लाख और शाही स्नान के दिन सात से आठ लाख श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने का अनुमान है। इस महाजनसैलाब को सुरक्षित रखने के लिए राजगीर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। भीड़ प्रबंधन के लिए 950 दंडाधिकारी, 530 से अधिक पुलिस पदाधिकारी, पुलिसकर्मियों के साथ 100 होमगार्ड और घुड़सवार पुलिस बलों की तैनाती की गई है।
विशेष इंतजाम किए गए हैं
इस बार के मेले को कई मायनों में खास बनाने का भरपूर कोशिश की गयी है। श्रद्धालुओं के लिए आवास-निवास की पूरी व्यवस्था की गयी है। स्टेट गेस्ट हाउस में टेंट सिटियों के अलावा 14 स्थानों पर आश्रयस्थल बनाये गये हैं। इनमें 11 जगह जर्मन हैंगर तो तीन जगहों पर वाटर प्रूफ पंडाल बनाये गये हैं, जहां श्रद्धालुओं को ठहरने की नि:शुल्क सुविधा मिलेगी। राजगीर के हर प्रवेश द्वार और सड़कों को सैकड़ों तोरणद्वारों को सजाया गया है। ब्रह्मकुंड समेत पूरा मेला क्षेत्र रंग-बिरंगी रोशनी सजाया गया है।
14 स्थानों पर खोली गयी है दीदी की रसोई
भोजन के लिए 14 स्थानों पर दीदी की रसोई खोली गयी हैं। यहां जीविका दीदी आम लोगों को 35 रुपये में भरपेट भोजन कर सकेंगे। दूसरी तरफ, ‘खास’ लोगों के लिए राजगीर के बड़े होटलों में लजीज व्यंजन उपलब्ध रहेंगे। होटलों में भोजन की कीमत अलग-अलग होगी। जबकि, होटलों व धर्मशालाओं में बेहतर इंतजाम वाले कमरों में रुकने के एवज में अलग-अलग कीमत चुकानी होगी। मलमास मेले की तैयारी पूरी कर ली गयी है। देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए पुख्ता इंतजाम किये गये हैं। आसमान से ड्रोन तो जमीन पर तीसरी आंख (सीसीटीवी) का उमड़ने वाली भीड़ पर पहरा रहेगा। डीएम कुंदन कुमार ने मेला क्षेत्र का सघन निरीक्षण किया। साथ ही सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, और भीड़ प्रबंधन की समीक्षा की।
उन्होंने सभी पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखें। असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने के लिए मेला क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बलों को अलर्ट मोड में रखें। मेले में लाखों की भीड़ जुटने की संभावना है। ऐसे में भगदड़, आग लगने या कुंड में जल दुर्घटना जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए विशेष दिशा-निर्देश दिये। डीएम ने कहा कि मलमास मेला धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि चिकित्सा, शुद्ध पेयजल, स्वच्छता, रौशनी (लाइटिंग) और संचार व्यवस्था में कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर पूरी सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें।
विधि-व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण
1. 950 दंडाधिकारी और 530 पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती।
2. 38 टीओपी एवं 16 वॉच टावर से चप्पे-चप्पे पर रहेगी नजर।
3. मेला क्षेत्र में 100 होमगार्डों की लगायी गयी है ड्यूटी।
4. सुरक्षा के लिए घुड़सवार पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति।
5. 550 सीसीटीवी के माध्यम से भीड़ की होगी निगरानी।
श्रद्धालुओं के लिए पेयजल का इंतजाम
1.मेला क्षेत्र के 30 स्थानों पर 300 प्याऊ से गंगाजल की आपूर्ति।
2. 20 स्थानों पर नये चापाकल, 60 खराब हैंडपंपों की मरम्मत।
3. श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए 125 स्टैंड पोस्ट बने हैं।
4. जल की गुणवत्ता की नियमित जांच के लिए पीएचईडी के कर्मी तैनात।
नियंत्रण कक्ष से हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी
मेला थाना मैदान में केन्द्रीयकृत नियंत्रण कक्ष बनाया गया है। इसके अलावा ब्रह्मकुंड परिसर के ऊपर एवं नीचे तथा वैतरणी घाट पर भी नियंत्रण बनाया गया है। नियंत्रण कक्ष के माध्यम से मेला क्षेत्र में लगे सभी सीसीटीवी की मॉनिटरिंग होगी। नियंत्रण कक्ष में स्वास्थ्य, पुलिस, बिजली, अग्निशमन समेत अन्य विभागों का हेल्प डेस्क बनाया गया है।


