गर्भवती बनाओ, 10 लाख पाओ; ऑल इंडिया प्रेग्नेंट जॉब और प्लेबॉय सर्विस के नाम पर साइबर फ्रॉड
आरोपितों ने स्वीकार किया कि उनके द्वारा ऑल इंडिया प्रेग्नेंट जॉब व प्लेबॉय सर्विस का झांसा देकर रजिस्ट्रेशन के नाम पर लाखों की ठगी की जा रही थी। वे महिलाओं को भी नहीं छोड़ते थे।

बिहार में साइबर फ्रॉड का नया पैंतरा सामने आया है। फ्रॉड ने निःसंतान महिलाओं की संवेदना और सेक्स के लिए लालायित रहने वालों की बेचैनी को हथियार बना लिया। नवादा में ऑल इंडिया प्रेग्नेंट जॉब और प्लेबॉय सर्विस के नाम पर लाखों की ठगी की। पुलिस ने हिसुआ थाना क्षेत्र से दो साइबर ठगों रंजन कुमार और एक नाबालिग को पकड़ा है। आरोपितों ने एक निःसंतान महिला को प्रेग्नेंट कर दस लाख कमा का झांसा दिया और कई लोगों से रजिस्ट्रेशन शुल्क, वीडियो और डॉक्यूमेंट्स के बहाने लाखों की ठगी कर ली। इनके मोबाइल चैट से सनसनीखेज खुलासे हुए हैं।
गिरफ्तार आरोपितों के पास से फर्जी सिम, ग्राहक डेटा, क्यूआर कोड और लेन-देन का पूरा विवरण बरामद हुआ। आरंभिक जांच में पता चला कि सिम पश्चिम बंगाल और गुजरात के लाभुकों के नाम से जारी किए गए थे। पुलिस ने गिरोह के दो सरगनाओं के नाम उजागर किए। उनके निर्देश पर आरोपित धोखाधड़ी को अंजाम दे रहे थे। चार लोगों के खिलाफ संगठित धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। युवाओं और मर्दों को कॉल कर महिला को प्रेग्नेंट कर देने पर 10 लाख रुपये देने का झांसा दिया जा रहा था। इसके लिए उन्हें रजिस्ट्रेशन कराने का झांसा दिया जाता था। रजिस्ट्रेशन के नाम पर डॉक्यूमेंट्स मांग और लाखों की ठगी कर ली जाती थी। सेक्स का मजा लेते 10 लाख पाने के लालच में बड़ी संख्या लोग उसकी जाल में फंस गए।
महिलाओं को भी नहीं छोड़ा
पूछताछ में पकड़े गये आरोपितों ने स्वीकार किया कि उनके द्वारा ऑल इंडिया प्रेग्नेंट जॉब व प्लेबॉय सर्विस का झांसा देकर रजिस्ट्रेशन के नाम पर लाखों की ठगी की जा रही थी। वे महिलाओं को भी नहीं छोड़ते थे। जिन महिलाओं के बच्चे नहीं हैं उन्हें जाल में फंसाकर रजिस्ट्रेशन के नाम पर वसूली की जा रही थी। एक्सपर्ट काउंसेलिंग करके उनका ऐसा ब्रेन वॉश कर दिया जाता था कि शोषण होने पर भी वे शिकायत नहीं करतीं। उन्हें बताया जाता था कि नई टेक्निक से प्रेग्नेंट कर उन्हें संतान सुख दिया जाएगा। दूसरी ओर प्लेबॉय का काम करने वालों को कॉल कर एक महिला को प्रेग्नेंट कर देने पर 10 लाख रुपये देने का झांसा दिया जा रहा था। उनसे भी रजिस्ट्रेशन के नाम पर ठगी की जाती थी।
एक घर में चल रहा था ठगी का कारोबार
दरअसल हिसुआ पुलिस को थाना क्षेत्र से साइबर अपराध की घटनाओं को अंजाम देने की सूचना मिली थी। इसके बाद नवादा के एसपी अभिनव धीमान ने एसआईटी गठित की। साइबर पुलिस की एसआईटी ने तकनीकी सर्विलांस व मानवीय इंटेलिजेंस की मदद से बुधवार की दोपहर बाद हिसुआ थाना क्षेत्र के मनवां गांव स्थित एक घर में छापेमारी कर दोनों को दबोच लिया।
सनसनीखेज कॉल रिकॉर्ड्स
गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल चैट से चौंकाने वाले खुलासे हुए। बड़ी संख्या में कॉल रिकॉर्ड्स, चैट और संदिग्ध तस्वीरें मिली हैं। एसपी ्भिनव धीमान ने कहा कि यह साइबर फ्रॉड का एक अति गंभीर मामला है। इसमें लोगों के भावना, सामाजिक स्थिति और नैतिक मूल्यों को भी चोट पहुंचाया जा रहा था। पुलिस इनका नेटवर्क खंगालने में जुट गई है।
लेखक के बारे में
Sudhir Kumarटीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।
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