BRABU में बड़ा गड़बड़झाला; एक प्रोफेसर, एक ही कॉलेज, दो-दो विभागों से अनुभव प्रमाणपत्र
बीआरएबीयू में वर्ष 2020 से अब तक हुई सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति की जांच चल रही है। विश्वविद्यालय के एक कॉलेज से एक असिस्टेंट प्रोफेसर को दो विषयों का अनुभव प्रमाणपत्र देने का मामला सामने आया है।

बाबा साहेब भीम राव आंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय में प्रोफेसर की नौकरी के लिए अनुभव प्रमाण पत्र का खेल उजागर हुआ है। विश्वविद्यालय के एक कॉलेज से एक असिस्टेंट प्रोफेसर को दो विषयों का अनुभव प्रमाणपत्र देने का मामला सामने आया है। शिक्षक को फिजिक्स और इलेक्ट्रॉनिक्स दोनों विषयों में पढ़ाने का अनुभव प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया। इस प्रमाणपत्र के आधार पर विवि सेवा आयोग ने अभ्यर्थियों को अनुभव में 10 अंक देकर सहायक प्राध्यापक की नौकरी भी दे दी। बीआरएबीयू में चल रही अनुभव प्रमाणपत्रों की जांच में लगातार ऐसी गड़बड़ियां पकड़ी जा रही हैं।
बीआरएबीयू में वर्ष 2020 से अब तक हुई सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति की जांच चल रही है। सूत्रों के मुताबिक, संबद्ध कॉलेजों में अस्थायी तौर पर नियुक्त शिक्षकों को भी फुल टाइम पढ़ाने का अनुभव प्रमाणपत्र जारी किया गया है। इन प्रमाणपत्रों को विश्वविद्यालय स्तर पर भी नहीं जांचा गया और सीधे विवि सेवा आयोग को अग्रसारित कर दिया गया। विवि के रजिस्ट्रार प्रो. समीर कुमार शर्मा ने इस संबंध् में कहा कि ऐसे मामलों में जो भी दोषी होंगे उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
गलत प्रमाणपत्र देने वाले कॉलेजों से जवाब तलब
विवि प्रशासन गलत अनुभव प्रमाणपत्र देने वाले कॉलेजों से भी जानकारी मांगने की तैयारी कर रहा है। जांच के दौरान पाई गई गड़बड़ियों को चिह्नित किया जा रहा है। जिन कॉलेजों से गलत तरीके से अनुभव प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं, उनसे इस बारे में जवाब तलब किया जाएगा। कई कॉलेजों से उन विषयों के भी अनुभव प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं, जिनकी संबद्धता उन्हें विवि या सरकार से मिली ही नहीं है।
आज से राजनीति विज्ञान के अभ्यर्थियों की जांच
बीआरएबीयू में सोमवार से आयोग की ओर से चयनित हुए राजनीति विज्ञान के 59 सहायक प्राध्यापकों के दस्तावेजों की जांच की जाएगी। जांच आठ जनवरी तक चलेगी। जांच के लिए कमेटी बनाई गई है। राजनीति विज्ञान में चयनित सहायक प्राध्यापकों के चयन सूची पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। कुछ का कहना है कि ऐसे अभ्यर्थियों का चयन किया गया जिन्होंने इवनिंग कॉलेज का अनुभव प्रमाणपत्र दिया है और नौकरी में रहते हुए भी ईडब्ल्यूएस कोटे का लाभ लिया है।

लेखक के बारे में
Sudhir Kumarटीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।
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