20 दिन भी नहीं बचे चुनाव में, महागठबंधन में तेजस्वी के सीएम फेस पर अब भी संशय; सीट पर भी कलह
जाहिर है महागठबंधन में कई सीटों पर इस फ्रेंडली फाइट ने अंदरुनी कलह को भी उजागर कर दिया है। इतना ही नहीं अगर कांग्रेस तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री चेहरा घोषित करने की राजद की मांग को नहीं मानती है तो महागठबंधन के लिए अभी और भी मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।
बिहार में चुनाव से पहले महागठबंधन में सबकुछ ठीक नहीं दिख रहा है। सीट बंटवारे पर कांग्रेस और राजद के बीच कई दिनों से खींचतान जारी है। हालांकि, दावा किया जा रहा है कि यह खींचतान जल्द ही खत्म हो जाएगा। अब बिहार में पहले चरण के चुनाव में 20 दिन भी नहीं बचे हैं। इधर महागठबंधन में स्थिति यह है कि सिर्फ सीट बंटवारे पर ही नहीं बल्कि मुख्यमंत्री के चेहरे पर भी संशय बरकरार है।

पहले चरण के चुनाव के लिए नामांकन करने की मियाद खत्म हो चुकी है। महागठबंधन के घटक दल बछवारा, वैशाली, तारापुर, गौड़ाबौराम, लालगंज, कहलगांव राजापाकर, रोसड़ा, बिहारशरीफ औऱ वारसलीगंज में एक-दूसरे के खिलाफ प्रत्याशी उतार कर मैदान में हैं। बछवारा, राजापाकर, रोसड़ा औऱ बिहारशरीफ में सीपीआई की कांग्रेस से सीधी लड़ाई है तो वहीं वैशाली, वारसलीगंज, लालगंज और कहलगांव में राजद की सीधी लड़ाई कांग्रेस से है। इसके अलाव गौड़ाबौराम औऱ तारापुर में आरजेडी की लड़ाई वीआईपी से है।
जाहिर है महागठबंधन में कई सीटों पर इस फ्रेंडली फाइट ने अंदरुनी कलह को भी उजागर कर दिया है। इतना ही नहीं अगर कांग्रेस तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री चेहरा घोषित करने की राजद की मांग को नहीं मानती है तो महागठबंधन के लिए अभी और भी मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।
बता दें कि राजद बार-बार इस बात की घोषणा करने पर जोर दे रहा है कि बिहार चुनाव में महागठबंधन तेजस्वी यादव के ही नेतृत्व में चुनाव लड़ रहा है और मुख्यमंत्री के चेहरे तेजस्वी यादव ही हैं। हालांकि, इस मुद्दे पर कांग्रेस की राय अब तक अलग ही नजर आई है। कांग्रेस बार-बार इस मुद्दे पर कहती आई है कि समय आने पर इसका फैसला होगा। आपको बता दें कि जब महागठबंधन के गठन की प्रक्रिया चल रही थी तब तेजस्वी यादव को समन्वय समिति का अध्यक्ष बनाया गया था।
राजद नेता कहते आए हैं कि तेजस्वी को सीएम का चेहरा घोषित करने पर कोई कन्फ्यूजन नहीं है। वो इस अलायंस के सबसे बड़े पार्टी के नेता हैं। इसके अलावा वो विपक्ष के नेता भी हैं। हालाकि, कांग्रेस तेजस्वी यादव को सीएम का चेहरा घोषित करने पर अभी भी चुप्पी साधे हुई है। पार्टी का मानना है कि बिना चेहरे के चुनाव लड़ने पर बिहार चुनाव में उन्हें फायदा हो सकता है।
महागठबंधन की एक और सहयोगी दल सीपीआई-एमएल भी सीएम फेस को लेकर कांग्रेस की राह पर ही चलती नजर आ रही है। 'टाइम्स ऑफ इंडिया' ने पार्टी के वरिष्ठ सूत्रों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में बताया है कि तेजस्वी यादव निश्चित तौर से महागठबंधन के उम्मीदवार हैं। लेकिन उन्होंने तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करने के सवाल को टाल दिया। सीपीआई-एमएल इसे चुनावी रणनीति का हिस्सा मानती है और कांग्रेस की तरह ही समय आने पर सीएम फेस के ऐलान की बात कहती है।
बहरहाल अभी महागठबंधन में अभी सीएम फेस का आधिकारिक तौर से ऐलान नहीं किया गया है। महागठबंधन में एक तरफ जहां सीट बंटवारे पर संशय नजर आय़ा है तो वहीं इस मुद्दे पर भी अभी कुछ भी साफ नहीं है।





