
महागठबंधन में 7वें दल की एंट्री, करनी छाप को 3 सीटें मिलने का दावा; सहरसा से लड़ेंगे आईपी गुप्ता
संक्षेप: तांती, ततवा, पान समाज की राजनीति करने वाले आईपी गुप्ता ने दावा किया है कि उनकी इंडियन इंक्लूसिव पार्टी (IIP) को महागठबंधन में 3 सीटें मिल गई हैं। वह खुद सहरसा से शुक्रवार को नामाकंन करने जा रहे हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में विपक्षी दलों के महागठबंधन में 7वें दल की एंट्री हो गई है। पान समाज (तांती, ततवा जाति) की राजनीति करने वाले आईपी गुप्ता ने दावा किया है कि उनकी इंडियन इंक्लूसिव पार्टी को महागठबंधन में 3 सीटें मिल गई हैं। आईपी गुप्ता खुद सहरसा सीट से अपनी पार्टी के करनी छाप चुनाव चिह्न पर लड़ेंगे। उन्होंने शुक्रवार को अपना पर्चा दाखिल करने की बात कही है। उन्होंने यह भी दावा किया है कि 3-4 सीटों पर उनकी पार्टी के उम्मीदवारों को राजद और कांग्रेस के सिंबल पर लड़ाने पर सहमति बनी है। हालांकि, महागठबंधन के प्रमुख दल राजद या कांग्रेस की ओर से अभी इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के चीफ आईपी गुप्ता बीते कई दिनों से महागठबंधन के शीर्ष नेताओं से संपर्क में थे। बिहार वोटर अधिकार यात्रा के दौरान उनकी कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात भी हुई थी। इसके बाद पिछले सप्ताह उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव के साथ बैठक का वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया था।
आईपी गुप्ता ने गुरुवार रात को फेसबुक पर वीडियो पोस्ट कर कहा कि उनकी पार्टी महागठबंधन का हिस्सा बन गई है। हम घर वाले नहीं बल्कि गोतिया बने हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि भारत के इतिहास में पहली बार तांती, तता, पान समाज की अपनी पार्टी चुनावी मैदान में उतरेगी।
अखिल भारतीय पान महासंघ के अध्यक्ष आईपी गुप्ता ने कांग्रेस छोड़कर नई पार्टी बनाई थी। इसी साल अप्रैल महीने में उन्होंने पटना के गांधी मैदान में पान समाज की बड़ी रैली करके सबका ध्यान खींचा था। बिहार में हुए जाति आधारित सर्वे के आंकड़ों के अनुसार तांती-ततवा जाति के लोगों की आबादी लगभग 2 प्रतिशत है। ऐसे में कम मार्जिन से हार-जीत वाली सीटों पर पान समाज के मतदाता निर्णायक भूमिका में रह सकते हैं।
बता दें कि महागठबंधन में राजद, कांग्रेस, सीपीआई-माले, सीपीएम, सीपीआई और मुकेश सहनी की वीआईपी को मिलाकर 6 पार्टियां पहले से है। आईपी गुप्ता की इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के आने से कुल 7 दल हो गए हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस की राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी महागठबंधन का हिस्सा नहीं बन पाई और 25 सीटों पर अलग से अपने प्रत्याशी उतार दिए। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पार्टी झामुमो के भी बिहार महागठबंधन में सीटें मिलने पर अभी सस्पेंस है।
बताया जा रहा है कि लालू-तेजस्वी की आरजेडी ने अपने कोटे की सहरसा सीट आईपी गुप्ता को लड़ने के लिए दी है। 2020 में जेडीयू की मौजूदा सांसद लवली आनंद ने सहरसा से आरजेडी के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन भाजपा के आलोक रंजन झा से हार गई थीं। एनडीए में भाजपा ने 2025 में फिर से मौजूदा विधायक को ही टिकट दिया है।





