गयाजी में महादलित टोले से लापता लड़की की मिली लाश, रेप के बाद मर्डर का शक; शरीर पर चोट के निशान
मृतका की मां ने बताया कि बेटी के अचानक गायब होने के बाद से ही पूरा परिवार उसकी तलाश में जुटा हुआ था। शनिवार को काफी खोजबीन की, लेकिन पता नहीं चल सका। अब घर के पास ही लड़की की लाश मिली है।

बिहार के गयाजी जिले में महादलित टोले में रहने वाली एक लड़की रहस्यमय ढंग से लापता हो गई थी। अब इस नाबालिग लड़की की लाश मिली है। गयाजी जिले के गुरारू थाना क्षेत्र में रविवार की शाम 15 वर्षीय किशोरी का शव मिलने से हड़कंप मच गया। किशोरी शनिवार से अपने घर से गायब थी। परिजनों की काफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई अता-पता नहीं चला था। रविवार शाम घर से महज 200 मीटर दूर बधार में उसका शव पड़ा मिला। परिजन दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका जता रहे हैं। किशोरी के शरीर पर चोट के निशान मिले हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित परिवार पिछले दस वर्षों से गांव के एक महादलित टोले में खानाबदोश के रूप में रह रहा है। मृतका की मां ने बताया कि बेटी के अचानक गायब होने के बाद से ही पूरा परिवार उसकी तलाश में जुटा हुआ था। शनिवार को काफी खोजबीन की, लेकिन पता नहीं चल सका। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची।
पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल अस्पताल भेज दिया है और मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है। टिकारी के प्रभारी एसडीपीओ राजन कुमार ने बताया कि किशोरी का शव बरामद हुआ है। उसके पीठ पर चोट के निशान पाए गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट कुछ कहा जा सकता है। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।
‘मुझे मार रहे हैं’ कह फोन काटा, लापता
पंजाब के मानसा जिले के सरदूलगढ़ कस्बे में हलवाई का काम करने गया शेरघाटी के रमना मोहल्ले का अनिल यादव संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया है। उसके अपहरण या हत्या की आशंका जताई जा रही है। 36 साल का अनिल पिछले पांच-छह वर्षों से सरदूलगढ़ की किंग स्वीट्स नामक मिठाई दुकान में काम कर रहा था। वह परिवार का अकेला कमाने वाला सदस्य है।
पैसे देकर होटल मालिक ने बुलवाया था पंजाब
पत्नी अनीता देवी के अनुसार 22 जुलाई को दुकान के मालिक गुरचरण सिंह और उनके पुत्र रविंद्र सिंह ने किराये के लिए अनिल के मोबाइल पर पांच हजार रुपये भेजे थे। अनिल 29 जुलाई को शेरघाटी से पंजाब के लिए निकला और 30 जुलाई को वहां पहुंच गया। एक अगस्त को पत्नी से फोन पर बातचीत के दौरान वह डरा हुआ लग रहा था। उसने बताया कि कोई उसे मार रहा है और इसके बाद फोन काट दिया। घटना की जानकारी मिलने पर अनिल का भाई दिलीप यादव पांच अगस्त को पंजाब पहुंचा। परिजनों का आरोप है कि दुकान मालिक और उसके पुत्र ने अपेक्षित सहयोग नहीं किया। उनका कहना है कि अनिल के कपड़े, बैग और अन्य सामान अब भी मकान मालिक के पास हैं, जबकि दुकान मालिक का दावा है कि वह 30 जुलाई को खुद चला गया था।
परिजनों ने अनिल को बंधक बनाकर बंधुआ मजदूरी कराने की आशंका जताते हुए मामले की गंभीर जांच और आरोपितों से पूछताछ की मांग की है। उनका आरोप है कि अब तक मोबाइल की बरामदगी, सीसीटीवी फुटेज की जांच और समुचित कार्रवाई नहीं हुई है। पुलिस ने घटना के 10 दिन बाद गुमशुदगी की रिपोर्ट तो दर्ज कर ली है मगर अपहरण, हत्या या बंधक बनाकर मजदूरी कराने की आशंका को लेकर एफआईआर नहीं किया है। परिवार अनिल की सुरक्षित वापसी के लिए पूजा-पाठ और मन्नतें भी कर रहा है।


