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करंट लगने से मजदूर की मौत, विरोध में जाम

सौराठ गांव के दिलखुश कामत (45) की मौत बुधवार रात करंट लगने से हो गई। हादसा सोनमनी गांव के समीप कोसी नहर पर हुआ। गुरुवार सुबह ग्रामीणों ने पश्चिमी कोसी नहर पर बिजली तार में सटे एक साइकिल सवार को जलते देखा तो सब स्टेशन को सूचना दी। लोगों ने आरोप लगाया कि सूचना के बावजूद भी बिजली आपूर्ति बंद नहीं की गई। इसके बाद लोगों को गुस्सा भड़क गया। घटना के विरोध में सौराठ गांव के सैकड़ों लोगों ने जीबछ चौक पर रहिका मधुबनी तथा सौराठ मधुबनी मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। प्रदर्शन कर पीड़ित परिवार को मुआवजा देने व बिजली विभाग के लापरवाह कर्मी को निलंबित करने की मांग करने लगे। बाद में सरकारी योजना के तहत चेक दिए जाने व झुके तारों को दुरुस्त कराने के आश्वासन के बाद जाम समाप्त हुआ। परिजनों ने बताया कि पेशे से मजदूर दिलखुश कामत भगिनी की शादी में शामिल होने के लिए साइकिल से अपने गांव से सोनमनी जा रहा था। इसी दौरान नहर के पास नीचे झुके तार की चपेट में आ गया। जीबछ चौक पर लोगों का कहना था कि पिछले एक महीने में चार लोग तार की चपेट में आने से बुरी तरह जख्मी हो चुके हैं। जिसमें सीमा गांव के नारायण ठाकुर ,बहादुर भगत आदि लोग जख्मी हुए हैं। सीमा गांव के संजीव झा की गाय भी तार में सटने से मर गई। कई बार विभाग के कनीय अभियंता व एसडीओ को सूचना दी गई। 11 हजार केवी तार जमीन से पांच से छह फुट ऊपर है। इधर, रहिका बीडीओ संजीत कुमार व थानाघ्यक्ष संजय कुमार ने प्रदर्शनकारियों से जाम हटाने के लिए बातचीत करते रहे। लेकिन लोग मुआवजे की चार लाख राशि का चेक तुरंत देने पर अड़े थे। बीडीओ ने वरीय अधिकारियों को सूचना देकर चार लाख राशि के आपदा के चेक , 20 हजार पारिवारिक लाभ योजना से एवं तीन लाख के चेक तथा तारों को दुरुस्त का आश्वासन दिया।

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  • Web Title:Worker's death due to work, jam protest