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26 नवंबर, 2020|3:21|IST

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गर्भवतियों के लिए आहार में विविधता जरूरी

गर्भवती महिलाओं के बेहतर पोषण पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है। इसके लिए प्रत्येक माह की सात तारीख को आंगनबाड़ी केन्द्रों पर सात से नौ महीने की गर्भवती महिलाओं की गोद भराई करायी जाती है। शुक्रवार को जिले के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर गोदभराई का आयोजन किया गया एवं महिलाओं को पोषक आहार वितरण के साथ बेहतर पोषण की जानकारी दी गयी। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के केन्द्रों पर गर्भवती को लाल चुनरी ओढ़ा कर एवं माथे पर लाल टीका लगा कार्यक्रम की शुरुआत हुई। महिलाओं को विभिन्न व्यंजनों में शामिल सतरंगी फल, हरी सब्जियां एवं अन्य पोषक आहार दिए गए। साथ ही गर्भावस्था के दौरान पोषक आहार सेवन के विषय में गर्भवतियों को भी जागरूक किया गया। गर्भवती महिलाओं को अपने आहार में विविधता लाने की सलाह दी गयी. आहार में दाल, बीन, दूध एवं दूध से निर्मित खाद्य पदार्थ, हरी साग-सब्जी, पीले फल, मीट एवं मछली शामिल करने की बात बताई गयी। नियमित रुप से चार प्रसव पूर्व जांच, मातृ एवं शिशु सुरक्षा कार्ड में वजन का पंजीकरण के साथ नियमित रूप से प्रतिदिन आयरन की एक गोली एवं कैल्शियम की दो गोली खाने की सलाह दी गयी। आईसीडीएस की डीपीओ डॉ. रश्मि वर्मा ने बताया कि गोदभराई का मुख्य उद्देश्य गर्भावस्था के आखिरी दिनों में बेहतर पोषण की जरूरत के विषय में गर्भवतियों को अवगत कराना है। गर्भावस्था के आखिरी दिनों में अधिक पोषण की जरूरत होती है। गर्भ के आखिरी महीनों में शरीर को अधिक पोषक तत्वों की जरूरत होती है।

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  • Web Title:Variety in diet is important for pregnant people