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24 जनवरी, 2021|2:46|IST

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लॉकडाउन में हुनरमंदों की रोजी-रोटी पर आफत

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शहर के मुख्य सड़क से लेकर हर गली मोहल्लों में सैलून दुकान बंद पड़े थे। दुकान के बाहर बिल्कुल सन्नाटा छाया था। शहर से कुछ किलोमीटर दूर रामपट्टी एवं आसपास के गांव स्थित सैलून का भी यही हाल था। कुछ जगहों पर भवन निर्माण से संबंधित कार्य चल रहे थे लेकिन राजमिस्त्री के चेहरे पर मायूसी थी। पलंबर मिस्त्री और बिजली मिस्त्री का भी कमोवेश यही हाल है। सैलून संचालक रामा ठाकुर से उनका हाल जाना तो उन्होंने बताया कि बहुत बुरा हाल है। 38 दिनों से सैलून बंद है। कई लोग घर पर आकर दुकान खोलने के लिए कहते हैं लेकिन कोरोना वायरस के डर से दुकान नहीं खोल रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रत्येक दिन औसतन 500 रुपये का नुकसान हो रहा है। राजमिस्त्री राजकुमार पासवान ने बताया कि काम नहीं के बराबर मिलता है। भूख मिटाने के लिए काम पर चले जाते हैं लेकिन शाम को मजदूरी नहीं मिलती तो बहुत कष्ट होता है।

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  • Web Title:Trouble on the livelihood of skilled people in lockdown