सड़कों का चौड़ीकरण व ओवरब्रिज बने तो लोगों को मिले जाम से निजात
मधुबनी शहर में सड़क जाम की समस्या गंभीर होती जा रही है। मुख्य चौराहों पर वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं, जिससे आम लोगों की दिनचर्या और आपातकालीन सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से ओवरब्रिज बनाने और सड़क चौड़ीकरण की मांग की है।

मधुबनी । मधुबनी शहर इन दिनों लगातार सड़क जाम की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। शहर के प्रमुख चौराहों-चौभच्चा चौक, बाबू साहब चौक, शंकर चौक तथा 13 गुमटी रेलवे स्टेशन रोड-पर दिनभर वाहनों की लंबी कतारें आम दृश्य बन चुकी हैं। खासकर चौभच्चा चौक, रेलवे स्टेशन रोड और 13 गुमटी रोड पर लगभग हर आधे घंटे में जाम लगना अब सामान्य बात हो गई है। इससे न केवल आम लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है, बल्कि व्यवसाय, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह और शाम के समय स्थिति और भी भयावह हो जाती है।
स्कूल जाने वाले बच्चों, कार्यालय कर्मियों और मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार एंबुलेंस तक जाम में फंस जाती है, जिससे आपातकालीन सेवाएं प्रभावित होती हैं। रेलवे स्टेशन रोड पर ट्रेन के आगमन और प्रस्थान के समय यातायात पूरी तरह से ठप हो जाता है। 13 गुमटी के आसपास तो हल्की सी भी भीड़ पूरे क्षेत्र को जाम में तब्दील कर देती है। जाम की समस्या को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन द्वारा अलग से मधुबनी ट्रैफिक पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रमुख चौक-चौराहों पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं और यातायात को नियंत्रित करने का प्रयास करते हैं। इसके बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि ट्रैफिक व्यवस्था केवल दिखावे तक सीमित है और ठोस रणनीति के अभाव में समस्या जस की तस बनी हुई है। सड़क किनारे अतिक्रमण और फुटपाथी व्यापार सब्जी, अन्य समान का ठेला लगे रहते है। शहर की अधिकांश सड़कें पहले से ही संकरी हैं, ऊपर से सड़क किनारे लगने वाली दुकानों और ठेलों के कारण सड़क और भी संकीर्ण हो गई है। कई स्थानों पर दोपहिया और चारपहिया वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग भी यातायात को बाधित करती है। चौभच्चा चौक और बाबू साहब चौक शंकर चौक रेलवे स्टेशन रोड पर तो स्थिति यह है कि सड़क का एक बड़ा हिस्सा अस्थायी दुकानों ने घेर रखा है, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है।स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने के लिए नियमित अभियान चलाया जाए, वैकल्पिक पार्किंग की व्यवस्था की जाए तथा प्रमुख चौक-चौराहों का चौड़ीकरण किया जाए। समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है। 13 नंबर गुमटी पर जाम की समस्या: मधुबनी शहर के 13 नंबर गुमटी पर इन दिनों सड़क जाम की समस्या विकराल रूप धारण करती जा रही है। जैसे ही ट्रेन के आगमन की सूचना मिलती है और रेलवे फाटक बंद किया जाता है, वैसे ही दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो जाती हैं। देखते ही देखते जाम की स्थिति कई किलोमीटर तक फैल जाती है। खासकर रेलवे स्टेशन रोड और आसपास के क्षेत्रों में हालात बेहद चिंताजनक हो जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि फाटक बंद होने के बाद लगभग हर बार आधे घंटे से अधिक समय तक यातायात बाधित रहता है। इस दौरान स्कूल बसें, एंबुलेंस, कार्यालय जाने वाले कर्मचारी और आम राहगीर जाम में फंसे रहते हैं। कई बार तो स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि बाइक सवारों को भी निकलने की जगह नहीं मिलती। जाम का एक बड़ा कारण सड़क की संकीर्ण चौड़ाई और गुमटी के आसपास अव्यवस्थित पार्किंग भी है। फाटक खुलने के बाद भी वाहनों की अव्यवस्थित आवाजाही के कारण जाम तुरंत समाप्त नहीं होता। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से ओवरब्रिज या अंडरपास निर्माण की मांग की है, ताकि इस स्थायी समस्या का समाधान हो सके। सड़कें संकरी होने से वाहन चालकों को हो रही परेशानी मधुबनी शहर में संकरी सड़कों के कारण लगातार जाम की समस्या गंभीर रूप लेती जा रही है। मुख्यालय क्षेत्र की अधिकांश सड़कें वर्षों पुरानी हैं, जिनकी चौड़ाई वर्तमान यातायात दबाव के अनुरूप नहीं है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में बसें, ट्रक, निजी कारें, ऑटो और मोटरसाइकिलें शहर में प्रवेश करती हैं, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। सबसे अधिक परेशानी 13 नंबर गुमटी स्थित रेलवे क्रॉसिंग पर देखने को मिलती है। जैसे ही ट्रेन गुजरने के दौरान बैरिकेडिंग गिरती है, दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। ट्रेन गुजरने के बाद भी जाम सामान्य होने में काफी समय लग जाता है। इस दौरान स्कूली बच्चों, मरीजों और दफ्तर जाने वाले लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क संकरी होने के कारण बड़े वाहनों के आमने-सामने आ जाने पर स्थिति और विकराल हो जाती है। कई बार एंबुलेंस भी जाम में फंस जाती है, जिससे आपातकालीन सेवाएं प्रभावित होती हैं। शहरवासियों ने प्रशासन से शीघ्र सड़क चौड़ीकरण की मांग की है। उनका कहना है कि यदि मुख्य सड़कों का विस्तार किया जाए और रेलवे क्रॉसिंग के पास वैकल्पिक मार्ग या ओवरब्रिज का निर्माण हो, तो जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस दिशा में कब ठोस कदम उठाता है। मधुबनी शहर के 13 नंबर गुमती स्थित रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज नहीं होने के कारण प्रतिदिन हजारों लोगों को भीषण जाम का सामना करना पड़ रहा है। जैसे ही ट्रेन गुजरती है और बैरिकेडिंग गिरती है, दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। कुछ ही मिनटों में यह जाम आसपास के प्रमुख मार्गों तक फैल जाता है। कामकाजी दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है। कार्यालय जाने वाले कर्मचारी, स्कूल-कॉलेज के छात्र, मरीज और व्यापारी घंटों तक जाम में फंसे रहते हैं। कई बार जाम कई किलोमीटर तक फैल जाता है, जिससे लोगों का समय और ईंधन दोनों बर्बाद होते हैं। जाम से बचने के लिए लोग वैकल्पिक मार्ग अपनाते हैं, जिससे अन्य सड़कों पर भी दबाव बढ़ जाता है और वहां भी यातायात बाधित होता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ओवरब्रिज का निर्माण इस समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है। यदि रेलवे क्रॉसिंग के ऊपर पुल बना दिया जाए, तो ट्रेन गुजरने के दौरान भी यातायात प्रभावित नहीं होगा। शहरवासियों ने प्रशासन से शीघ्र पहल कर ओवरब्रिज निर्माण की मांग की है, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारू हो सके और आम लोगों को राहत मिल सके। इससे लोगों को समय की बचत भी होगी।
बोले जिम्मेदार- सड़क जाम की समस्या संकीर्ण सड़क होने की वजह से हो रही है। सड़क जाम की समस्या को हर संभव काम करने को लेकर मुख्य मुख्य चौक चौराहा पर ट्रैफिक पुलिस बल की तैनाती की गई है। साथ ही शहर के कुछ इलाकों में वन वे लागू किया गया है। वहीं एग्जाम की समस्या को देखते हुए अन्य इलाकों में भी वन वे करने की प्रक्रिया की जा रही है। -नीलमणिरंजन, ट्रैफिक इंस्पेक्टर, मधुबनी
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