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डाक्टर एवं इंजीनियर बनने की है तमन्ना

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सीबीएसई बोर्ड की दसवीं की परीक्षा में जिले के छात्रों का परिणाम बेहतर रहा है। बारहवीं की अपेक्षा यहां का परिणाम अच्छा माना जा रहा है। हर संस्थानों में अधिकतर छात्रों ने बेहतर सफलता पायी है। अंक प्रतिशत के मामले में भी जिले के बच्चों का परिणाम बेहतर रहा है। जिले के एक्कीस विद्यालयों में सीबीएसई के छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे। जिसमें पांच हजार छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे। इसमें 89 प्रतिशत छात्रों के सफल होने की जानकारी है। कुछ संस्थानों का परिणाम और अधिक बेहतर रहा है। यहां के 95 प्रतिशत बच्चे सफल हुए हैं। उल्लेखनीय है कि परीक्षा परिणाम पाने के लिए छात्र सुबह से ही एक- दूसरे से संपर्क में जुटे थे। हर कोई परस्पर परीक्षा परिणाम पाने के लिए मोबाइल से जानकारी लेते रहे। सीबीएसई बोर्ड के तहत संचालित स्कूलों में परीक्षा परिणाम आते ही अभिभावकों की भीड़ जुटनी शुरू हो गयी। सफल रहने वाले छात्र अपने अभिभावकों के साथ अपने संबंधियों के घर पहुंचकर खुशी के पल को एक साथ मनाया। वहीं कई छात्र मंदिर पहुंचकर भगबान को प्रसाद चढ़ाया। बेहतर करने वाले छात्र अपने दोस्तों के साथ अपनी खुशी का इजहार किया। छात्रों के बीच भविष्य की प्लानिंग पर भी चर्चा हुई। छात्राओं ने इस परीक्षा में अच्छी सफलता प्राप्त की है। भविष्य की बनायी गयी योजनाएं : सफल रहने वाले छात्र व अभिभावकों ने दिनभर इसे लेकर चर्चा करते रहे कि कौन सा संस्थान बेहतर होगा और कौन सा विषय। भविष्य की बेहतर प्लानिंग के लिए हर कोई अपने सीनियर और बाहर रहने वाले संबंधियों से संपर्क किया। इंजीनियरिंग और मेडिकल को अपना लक्ष्य बनाने वाले छात्र विभिन्न कोचिंग संस्थान की जानकारी भी इक्कठा की। परीक्षा परिणाम की घोषणा होते ही सभी छात्र व अभिभावक रिजल्ट के लिए ऑनलाइन सर्च करने लगे। अपने दोस्तों के रिजल्ट पाने की भी होड़ छात्रों के बीच लगी रही। रिजल्ट से कहीं खुशी तो कहीं गम दिखी। ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क कमजोर होने के कारण बच्चें व अभिभावकों को थोड़ी परेशानी हुई।

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  • Web Title:To become a doctor and engineer