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सातवें वेतन का निर्धारण शिक्षा विभाग के लिए बनी समस्या

शिक्षा विभाग में शिक्षकों के लिए सातवें वेतन का निर्धारण लंबे समय से बड़ी समस्या बनी हुई है। जिसका समाधान विभागीय अधिकारियों के लिए चुनौती बना हुआ है। इससे निपटने के लिए बतौर स्थापना पद भार ग्रहण करते ही डीपीओ राजेश सिन्हा ने कई स्तरों पर शिक्षक संघ व अन्य शिक्षकों से विमर्श किया। लेकिन पूरे जिले में इसे लेकर एक राय नहीं बन सकी। इसका परिणाम यह हुआ कि विभिन्न प्रखंडों में प्रारंभिक नियोजित शिक्षकों के वेतन निर्धारण में भिन्नता हो गयी है। इन बढ़ती समस्याओं को लेकर डीईओ श्रीराम कुमार की अध्यक्षता में बीईओ की बैठक हुई। जिसमें इसके समाधान के लिए टीम गठित करने का निर्णय लिया गया।

डीपीओ स्थापना राजेश कुमार सिन्हा के प्रस्ताव के आलोक में इसके लिए एक टीम का गठन किया गया। डीपीओ मो. शकील की अध्यक्षता में यह टीम गठित की गयी है। जिसके सदस्य सचिव डीपीओ स्थापना राजेश कुमार सिन्हा होंगे। इनके अतिरिक्त इस टीम में पांच बीईओ को शामिल किया गया है। रहिका बीईओ कृष्ण मोहन ठाकुर, राजनगर बीईओ सतीश चंद्र झा, लदनियां बीईओ, खजौली बीईओ एवं पंडौल बीईओ को शामिल किया गया है।

टीम शीघ्र सौंपेंगा अपना प्रतिवेदन : यह टीम शीघ्र अपना प्रतिवेदन पे फिक्शेसन के निर्धारण के लिए सौंपेगा। डीईओ श्रीराम कुमार ने बैठक में बताया कि बीईओ अपने प्रखंडों में शिक्षकों की समस्याओं के सामाधान के लिए गंभीर हों। इसमें किसी तरह की लापरवाही बरतने पर कार्रवाई होगी।

उन्होंने विभिन्न योजनाओं के लिए ली गयी राशि के समायोजन शीघ्र कराने का आदेश दिया। अन्यथा संबंधितों पर प्राथमिकी दर्ज करने को कहा। एसएसए मद की राशि के समायोजन की प्रक्रिया के लंबित रहने पर उन्होंने नराजगी जाहिर की।

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  • Web Title:The problem for the education department is to determine the seventh pay