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मधुबनीशहर के आवास विहीन छह सौ परिवारों की हालत दयनीय

हिन्दुस्तान टीम,मधुबनीPublished By: Newswrap
Tue, 01 Jun 2021 04:11 AM
शहर के आवास विहीन छह सौ परिवारों की हालत दयनीय

मधुबनी, निज संवाददाता

शहर में छह सौ आवासी विहीन परिवारों की हालत दयनीय हो गयी है। इनके सर से फूस और पॉलिथिन भी छीन गया है। एरिया में पानी भरा है और तेज धूप।वार्ड 28 में आया देख अबूबकर ने अपने फूस के घर के उड़ जाने की हालत को दिखाने लगा।

बताया उसे बचाने के चक्कर में उनकी पत्नी का हाथ भी टूट गया। बताया कि सभी सामान पड़ोसी के घर में रख दिया है। ऐसे में कहां खाना बने और कहां बच्चों को रखें। दैनिक मजदूरी कर किसी तरह से झोपड़ी में रह रहे थे। पर वह भी खत्म हो गया है। इस वार्ड में मो. जफूर, कमरूल इस्लाम, रहीशा, अशरफस, सागीर, ताहिर और मोतीउल्लाह जैसे 15 परिवार हैं, जिनके सर से आशियान छीन गया है। रहीशा ने बताया कि वे आवास की पहली किस्त की राशि मिलने पर बांस वाला झोपड़ी तोड़ दिया। अब दो साल से अगली किस्त का पैसा मिला ही नहीं। तत्काल पन्नी टांग कर रह रहे थे। लेकिन अब वह भी खत्म हो गया है। कहां रहेंगे, इसकी चिंता से तीन दिनों से बीमार हो गयी है। वार्ड एक से लेकर तीस तक हर वार्ड में औसतन 15 ऐसे परिवार हैं, जिनके सर से आसियाना छीन गया है।शहर में रहने वाले इन गरीब और असहाय परिवारों के प्रति नगर निगम और जिला प्रशासन दोनों ही सकारात्मक पहल नहीं की है।

नगर निगम के पास ऐसे परिवारों की सूची नहीं है। जो कि हैरत में डाल रहा है। एक ओर आपदा विभाग के निर्देश पर प्रभावित परिवारों की सूची बनायी जा रही है। वहीं दूसरी ओर शहर के इन बेसहारों की सूधि लेने वाला कोई नहीं है। शहर में गरीब और बेसहारों के लिए काम करने वाली संस्था गरीब गुरबा मंच के अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद ने बताया कि साजिशतन शहरी गरीब को खुल आसमान के नीचे रहने को विवश किया जा रहा है। गरीबों की मांग को कुचलने के लिए प्राथमिकी किया गया। यदि अधिकारी संवेदनशील होते तो इन गरीबों की यह हालत नहीं होती। बताया कि सरकार को इस संबंध में पहल करनी चाहिए।

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