Special care of infants required from birth to 42 days - जन्म से 42 दिनों तक शिशुओं की विशेष देखभाल जरूरी DA Image
6 दिसंबर, 2019|2:06|IST

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जन्म से 42 दिनों तक शिशुओं की विशेष देखभाल जरूरी

जन्म से 42 दिनों तक शिशुओं की विशेष देखभाल जरूरी

प्रसव के बाद नवजात की बेहतर देखभाल की जरूरत बढ़ जाती है। संस्थागत प्रसव के मामलों में शुरूआती दो दिनों तक मां और नवजात का ख्याल अस्पताल में रखा जाता है। लेकिन गृह प्रसव के मामलों में पहले दिनों से ही नवजात को बेहतर देखभाल की जरूरत होती है। शिशु जन्म के शुरुआती 42 दिन अधिक महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान उचित देखभाल के आभाव में शिशु के मृत्यु की संभावना अधिक होती है। इसको ध्यान में रखते हुए होम बेस्ड न्यूज बर्न केयर (एचबीएनसी) यानि गृह आधारित नवजात देखभाल कार्यक्रम की शुरुआत की गयी है। इस कार्यक्त्रम के तहत संस्थागत प्रसव एवं गृह प्रसव दोनों स्थितियों में आशा घर जाकर 42 दिनों तक नवजात की देखभाल करती है।

कार्यक्रम का यह है उद्देश्य:

सभी नवजात शिशुओं को अनिवार्य नवजात शिशु देखभाल सुविधाएं उपलब्ध कराना एवं जटिलताओं से बचाना, समय पूर्व जन्म लेने वाले नवजातों एवं जन्म के समय कम वजन वाले बच्चों की शीघ्र पहचान कर उनकी विशेष देखभाल करना, नवजात शिशु की बीमारी का शीघ्र पता कर समुचित देखभाल करना एवं रेफर करना, परिवार को आदर्श स्वास्थ्य व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना एवं सहयोग करना, मां के अंदर अपने नवजात स्वास्थ्य की सुरक्षा करने का आत्मविश्वास एवं दक्षता को विकसित करना उद्देश्य है। केयर इंडिया के डीटीएल महेंद्र सिंह ने बताया कि एचबीएनसी कायक्रम के तहत आशाएं संस्थागत एवं गृह प्रसव दोनों स्थितियों में गृह भ्रमण कर नवजात शिशु की देखभाल करती हैं। संस्थागत प्रसव की स्थिति में 6 बार गृह भ्रमण करती है ( जन्म के 3, 7,14, 21, 28 एवं 42 वें दिवस पर), गृह प्रसव की स्थिति में सात बार गृह भ्रमण करती है। (जन्म के 1, 3, 7,14, 21, 28 एवं 42 वें दिवस पर विजिट करती है।

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  • Web Title:Special care of infants required from birth to 42 days