एक ही परिवार के तीन लोग खाड़ी देश में, परिजनों की नींद हराम
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ईरान के हमलों के बीच, सकरी प्रखंड के सिबोतर टोला में एक ही परिवार के तीन युवक खाड़ी देशों में काम कर रहे हैं। परिजन उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और लगातार संपर्क में हैं। स्थानीय लोग भी खाड़ी देशों में काम करने वाले युवकों के परिवारों की आर्थिक स्थिति पर चिंता व्यक्त कर रहे हैं।

सकरी,एक संवाददाता। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ईरान के हमलों की खबरों के बीच सकरी प्रखंड क्षेत्र के सिबोतर टोला निवासी एक ही परिवार के तीन युवक विदेश में कार्यरत हैं। ऐसे में उनके परिजन किसी अनहोनी की आशंका से डरे-सहमे हुए हैं। सकरी के सिबोतर टोला निवासी मो. मुर्तजा के परिवार से तीन युवक अलग-अलग खाड़ी देशों में काम कर रहे हैं। परिजनों के अनुसार मुस्ताक सऊदी अरब में, अशफाक कुवैत में तथा आफताब दुबई में रोजगार से जुड़े हैं। क्षेत्र में बढ़ते सैन्य गतिविधियों और हमलों की खबरों ने परिवार की चिंता और बढ़ा दी है। परिजनों ने बताया कि बीते कुछ दिनों से वे लगातार मोबाइल फोन और वीडियो कॉल के माध्यम से संपर्क में हैं।
हालांकि वहां हालात सामान्य होने की बात कही जा रही है, लेकिन टीवी चैनलों और सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही खबरें बेचैनी बढ़ा देती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सकरी, पंडौल, मकसूदा, मोकर्रमपुर समेत आसपास के गांवों के सैकड़ों युवक खाड़ी देशों में रहकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। अधिकतर युवक निर्माण कार्य, कंपनी, होटल और ड्राइविंग जैसे कार्यों से जुड़े हैं। विदेश से भेजी जाने वाली कमाई पर ही कई परिवारों की आर्थिक स्थिति निर्भर करती है। मो. मुर्तुजा ने बताया कि वे हर रोज अपने बेटों से बात कर रहे हैं और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दे रहे हैं। ।
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