बदहाल नाला व सड़क पर जलजमाव से बलुआ में बीमारियों का बढ़ा खतरा
मधुबनी नगर निगम के बलुआ मोहल्ला के दो हजार से अधिक लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। यहाँ जलजमाव, साफ-सफाई की कमी और पेयजल संकट जैसी समस्याएँ हैं। चुनाव के दो साल बाद भी हालात नहीं बदले हैं। लोग...
मधुबनी । मधुबनी नगर निगम के वार्ड 13 स्थित बलुआ मोहल्ला के करीब दो हजार से अधिक लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। यहां के लोगों की जिंदगी वर्षों से सड़क पर जलजमाव, साफ-सफाई की बदहाल व्यवस्था और पेयजल संकट जैसी गंभीर समस्याओं के बीच गुजर रही है। विडंबना यह है कि निगम के चुनाव को हुए दो वर्ष से अधिक बीत चुके हैं, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं। बलुआ मोहल्ले की मुख्य समस्या सड़क पर जलजमाव है। बरसात हो या न हो, गंदे पानी का जमाव सड़क पर लगातार रहता है। स्थिति इतनी खराब है कि राहगीरों को इस मार्ग से गुजरना बेहद मुश्किल हो जाता है।

सड़क पर जगह-जगह कीचड़ और गंदगी फैली रहती है। मोहल्ले के पास स्थित प्राथमिक और मध्य विद्यालय में पढ़ने वाले छोटे-छोटे बच्चों को रोज इस रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। गंदे पानी और जर्जर सड़क के कारण गिरकर चोट लगने का डर हमेशा बना रहता है। अभिभावक हर दिन अपने बच्चों को स्कूल भेजते समय चिंतित रहते हैं। मोहल्ले में नाला तो पूर्व से बना हुआ है, लेकिन उसकी नियमित साफ-सफाई नहीं होने से बारिश का पानी सड़क पर ही जमा हो जाता है। नालों में कचरा और गाद भर जाने के कारण पानी की निकासी रुक जाती है। यदि समय-समय पर नाले की सफाई की जाती, तो जलजमाव की समस्या से राहत मिल सकती थी। लेकिन नगर निगम की लापरवाही ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है। स्थानीय लोग बताते हैं कि कई बार शिकायत करने के बाद भी सफाईकर्मी नाले की ओर ध्यान नहीं देते।बलुआ मोहल्ले की दूसरी बड़ी समस्या पेयजल की है। क्षेत्र का भूजल स्तर काफी नीचे चला गया है, जिसके कारण लगभग सभी चापाकल सूख चुके हैं। लोगों को पीने का पानी दूर से लाना पड़ता है। कई परिवार बाजार से पानी खरीदकर अपनी जरूरत पूरी करते हैं, जो आर्थिक बोझ बनता जा रहा है। गर्मी के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है। पानी के अभाव में गरीब और मजदूर तबके के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं।सड़क पर जमा गंदा पानी और नालों की गंदगी से मच्छर और बदबू फैलती है। इससे डेंगू, मलेरिया, टायफाइड और जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। मोहल्ले के लोग मजबूरी में इसी गंदगी से होकर गुजरते हैं, जिससे बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर गंभीर असर पड़ रहा है। स्वच्छता अभियान और पेयजल उपलब्ध कराने की सरकारी योजनाएं यहां केवल कागजों तक सीमित हैं। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि वे वर्षों से अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं। निगम चुनाव में उम्मीदवार आए थे और विकास के बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन चुनाव जीतने के बाद कोई मुड़कर देखने तक नहीं आया। लोग कहते हैं कि कर और टैक्स वसूली समय पर हो जाती है, लेकिन सुविधाएं देने में निगम नाकाम रहा है। स्थानीय लोगों की मांग है कि नालों की नियमित सफाई हो, जर्जर सड़क का मरम्मत कार्य तत्काल शुरू किया जाए और मोहल्ले में पेयजल की स्थायी व्यवस्था की जाए। यदि पानी की निकासी और पेयजल की समस्या हल हो जाए, तो क्षेत्र के लोग बड़ी राहत महसूस करेंगे। वार्ड 13 का बलुआ मोहल्ला नगर निगम की उपेक्षा का प्रतीक बन चुका है। जहां एक ओर लोग जलजमाव, गंदगी और पेयजल संकट से त्रस्त हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक लापरवाही ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। यह स्थिति केवल एक मोहल्ले की नहीं, बल्कि शहर के कई हिस्सों की हकीकत है। अब जरूरी है कि नगर निगम और जनप्रतिनिधि इस समस्या की गंभीरता को समझें और जल्द से जल्द ठोस कदम उठाएं, ताकि हजारों लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाया जा सके। बारिश होने पर बढ़ जाती समस्या नगर निगम क्षेत्र के बलुआ मोहल्ला की सड़कों की हालत बारिश के मौसम में बेहद दयनीय हो जाती है। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से हल्की बारिश के बाद भी सड़कें जलमग्न हो जाती हैं और कई महीनों तक पानी जमा रहता है। गंदे पानी के इस जमाव से लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, छोटे बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ती है। बारिश शुरू होते ही बच्चे स्कूल जाने से वंचित हो जाते हैं। वहीं, गड्ढों में भरा पानी दुर्घटनाओं का कारण बनता है और आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। लोगों का कहना है कि नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस समस्या से परिचित होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए। बार-बार शिकायत करने पर भी सिर्फ आश्वासन ही मिलता है। जलजमाव से बदबू और मच्छरों की समस्या लगातार बढ़ रही है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरे मंडरा रहे हैं।मोहल्लेवासियों ने मांग की है कि जल्द से जल्द नाला निर्माण कर जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि हर वर्ष बारिश में उन्हें इस गंभीर स्थिति का सामना न करना पड़े। स्थानीय लोगों की उम्मीद अब भी बनी हुई है कि अधिकारी उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे। मोहल्ले में साफ-सफाई नहीं होने से कचरे का लगा रहता है अंबार नगर निगम क्षेत्र के बलुआ मोहल्ला में सफाई व्यवस्था की लापरवाही ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नियमित सफाई न होने के कारण सड़कों के किनारे और गंदे पानी में कचरे का ढेर लगा रहता है। बरसात के दिनों में यही कचरा पानी में मिलकर पूरे इलाके में फैल जाता है, जिससे आवागमन बाधित हो जाता है और माहौल असहनीय बन जाता है।स्थानीय निवासियों का कहना है कि सफाईकर्मी नियमित रूप से मोहल्ले में नहीं आते, जिसके चलते गली-गली में गंदगी फैली रहती है। इसी गंदगी में पनपने वाले मच्छरों से डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा हर समय मंडराता है। साथ ही सड़े-गले कचरे से उठने वाली दुर्गंध से लोगों का जीना दूभर हो गया है। लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद नगर निगम ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। अधिकारी केवल कागजों पर सफाई व्यवस्था दिखाते हैं, जबकि हकीकत इससे उलट है। निवासियों ने साफ कहा है कि जब तक प्रतिदिन सफाई और कचरा उठाव की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की जाएगी, तब तक बीमारियों और दुर्गंध का संकट बना रहेगा। लोगों ने नगर निगम से मांग की है कि सफाईकर्मियों की नियमित तैनाती कर कचरा हटाने के ठोस इंतजाम किए जाएं, ताकि मोहल्ले का वातावरण स्वच्छ और स्वस्थ रह सके।
बोले जिम्मेदार- वार्ड 13 की जलजमाव की समस्या की जानकारी मिली है। अधिकारी को निर्देश दिया गया है। मोहल्ले में बने नाले की साफ-सफाई का निर्देश दिया गया है, ताकि सड़क पर जमा पानी की जल्द से जल्द निकासी हो सके। साथ ही वार्ड में साफ-सफाई को लेकर सफाईकर्मियों की नियुक्ति की गई है। वार्ड में नियमित साफ-सफाई को लेकर भी निर्देश दिया गया है। -अनिल कुमार चौधरी नगर आयुक्त, मधुबनी

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