राजनगर सुरक्षित विधानसभा में इस बार नये चेहरों पर विश्वास जताएंगे मतदाता
राजनगर सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र में चुनावी चर्चा तेज है। मतदाता इस बार नए चेहरों पर विश्वास जताएंगे। भाजपा और राजद ने पुराने चेहरों को बदलकर नए उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। राजनगर राज किला को पर्यटकस्थल का दर्जा और कृषि महाविद्यालय चालू नहीं होने की समस्याएँ प्रमुख हैं। चुनाव 11 नवम्बर को होगा।
मधुबनी, हिन्दुस्तान टीम । राजनगर सुरक्षित विधान सभा क्षेत्र को कमला बलान नदी दो भागों में बांटती है। पूरब में अंधराठाढ़ी प्रखंड तो पश्चिम में राजनगर प्रखंड है। अंधराठाढ़ी की पहचान षडदर्शनाचार्य पंडित वाचस्पति मिश्र एवं उनकी पत्नी भामति को लेकर है। वहीं राजनगर की पहचान दरभंगा महराज द्वारा बनाये गये राजकिला एवं मंदिरों को लेकर है। दोनों प्रखंड के मतदाता प्रबुद्ध हैं। राजनगर सुरक्षित विधान सभा क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या राजनगर राज किला को पर्यटकस्थल का दर्जा आज तक नहीं मिलने एवं शिलन्यास के करीब 28 साल बाद भी कृषि महाविद्यालय चालू नहीं हुआ। राजनगर से रांटी एवं राजनगर से रामपट्टी सड़क की स्थिति बहुत खराब है।
हर पांच वर्षो पर चुनाव होता है। प्रत्याशी जीत कर चले जाते हैं। मगर इनकी समस्या जस की तस रह जाती है। इस बार फिर से चुनावी ुगडुगी बज चुकी है। नेताओं की धमाचौकरी के बीच वोटरों की उम्मीदें भी फिर से बढ़ गयी है। राजनगर सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र में इस बार मतदाता नये चेहरों पर विश्वास जताएंगे। यहां भाजपा और राजद ने इस बार पुराने चेहरा को बदलकर मैदान में नया चेहरा दिया है। भाजपा अपने युवा नया चेहरा के सहारे सीट बचाने में जुटी है तो राजद भी यहां एक बार नया चेहरा देकर जीत सुनिश्चित करने में जुटी है। करीब ढाई लाख मतदाता वाले इस विधानसभा पर पूरे जिले की नजर है। कारण यहां पर एनडीए और महागठबंधन ने अपना नया चेहरा जो मैदान में उतारा है। अब जनता किसपर भरोसा करेगी ये 14 नवंबर को पता चलेगा। फिलहाल क्षेत्र में चुनावी चर्चा तेज है। रविवार को तीन दिन बाद धूप निकलने पर दोपहर में कुछ लोग पटवारा चौक स्थित एक पान दुकान पर बैठे हैं। वहां पर रूका तो केवलपट्टी के महेश सिंह, गोसाईटोल के अवधेश कुमार, फूल कुमार, बबाजी मंडल आपस में चुनावी चर्चा छेड़ देते हैं। कहते हैं राजनगर सुरक्षित विधान सभा में इसबार सबकुछ क्लीयर है। सुरक्षित क्षेत्र होने के कारण यहां पर जाीय समीकरण बहुत अधिक मायने नहीं रखता है। वहीं कुछ लोग कहते है कि एनडीए एवं महागठबंधन के बीच तीसरे दल की इंट्री से मुकाबला रोचक हो गया है। संजय कुमार बताते है कि यहां पर दो गठबंधन के बीच सीधा मुकाबला है। उम्मीदवार एवं उनके समर्थक अलग अलग दावा करते आ रहे हैं। दोनों गठबंधन अपना पलड़ा भारी बताकर वोटरों को गोलबंद करने में जुटे हैं। चंदन कुमार बताते हैं कि सुरक्षित क्षेत्र होने के कारण सर्वण वोट जिस तरफ जाएगा उसी का पलड़ा भारी होगा। रामपट्टी चौक पर शिव कुमार, बिरू झा ने कहा कि यहां सब कुछ क्लीयर है। मुनीन्द्र झा बताते हैं कि दो पूर्व प्रत्याशी को टिकट नहीं मिलने से नाराजगी थी। लेकिन अब सभी लोग अपने अपने गठबंधन को जिताने के लिए काम कर रहे हैं। रांटी रोड में पेड़ा चौक पर कुछ लोग एक दुकान पर आपस में बात कर रहे हैं। उसी समय एक दल का प्रचार गाड़ी गुजरती है। शंकर कुमार, मनोज कुमार ने कहा कि यहां नेताओं को सबसे बड़ी समस्या राजनगर राज किला को पर्यटकस्थल का दर्जा एवं कृषि महाविद्यालय चालू नहीं होना है। अंधराठढ़ी के मैलाम चौक पर पहुंचते ही एक कालेज से लौट रहे छात्र संजीव, नरेश एवं मोहन ने बताया कि लोग अपना मतदान इस बार सोच समझ कर करेंगे। आशा देवी , किरण देवी ने कहा कि सबकुछ ठीक चल रहा है। राजनगर सुरक्षित विधान सभा क्षेत्र में मुकाबला दो नेताओं के बीच ही दिख रहा है। वैसे एक तीसरे व्यक्ति इसे त्रिकोणीय बनाने में दिनरात लगे हैं। राजनगर के 22 एवं अंधराठाढ़ी के 18 पंचायत मिलाकर कुल 40 पंचायत राजनगर सुरक्षित विधान सभा क्षेत्र में है। कुल मतदान केन्द्रों की संख्या 382 है। राजनगर में दूसरे चरण में 11 नवम्बर को चुनाव है। पूरे जिले में सबसे कम मात्र सात प्रत्याशी राजनगर सुरक्षित विधान सभा क्षेत्र में इस बार हैं।

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