Hindi NewsBihar NewsMadhubani NewsRaiyam Village Turns into Safe Zone for Thieves Six Houses Robbed in 48 Hours
भैरवस्थान के रैयाम में 48 घंटे के भीतर छह घरों में चोरी

भैरवस्थान के रैयाम में 48 घंटे के भीतर छह घरों में चोरी

संक्षेप:

झंझारपुर के भैरवस्थान थाना क्षेत्र के रैयाम गांव में चोरों ने 48 घंटे के भीतर छह बंद घरों को निशाना बनाया। ग्रामीणों में दहशत और आक्रोश है, और अब वे रातभर पहरा देने को मजबूर हैं। पुलिस ने गश्त बढ़ाई है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की कार्यशैली में कमी है।

Jan 05, 2026 09:32 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, मधुबनी
share Share
Follow Us on

झंझारपुर,निज संवाददाता। भैरवस्थान थाना क्षेत्र का रैयाम गांव इन दिनों चोरों के लिए 'सेफ जोन' बन गया है। बेखौफ चोरों ने बीते 48 घंटे के भीतर गांव के छह बंद घरों को अपना निशाना बनाया है। शुक्रवार और शनिवार की रात लगातार हुई इन वारदातों से ग्रामीणों में आक्रोश और दहशत का माहौल है। लोग अब रात भर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं। शुक्रवार की रात तीन घरों में हुई बड़ी चोरी के बाद शनिवार की रात भी चोरों ने अपनी सक्रियता जारी रखी। इस बार चोरों ने दो सगे भाई दया नंद झा और माया नंद झा के बंद घरों को निशाना बनाया।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

दोनों भाई सपरिवार दिल्ली में रहते हैं। चोरों ने मुख्य द्वार का ताला काटकर भीतर प्रवेश किया और अलमारियों में रखे कीमती सामानों पर हाथ साफ कर दिया। इससे पूर्व शुक्रवार की रात भी चोरों ने जमकर उत्पात मचाया था। बटोही झा, बमबम झा और बिजेंद्र झा के घरों के ताले तोड़कर लाखों के जेवरात और नकदी चोरी कर ली गई थी। उसी रात चोरों ने मुरारी झा के घर में भी घुसने का प्रयास किया, लेकिन परिजनों के जाग जाने के कारण वे भाग निकले। थानाध्यक्ष सत्येंद्र तिवारी ने बताया कि गश्त बढ़ा दी गई है। चोरी की घटनाओं का जांच पड़ताल जारी है और जल्द ही मामले का खुलासा कर लिया जाएगा। पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल: एक ही गांव में 48 घंटे के भीतर छह वारदातों ने पुलिस की सुस्ती की पोल खोल दी है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की गश्त केवल कागजों तक सीमित है। लगातार हो रही चोरी की घटना से स्पष्ट है कि अपराधियों के मन से कानून का खौफ खत्म हो चुका है। सभी घर उन लोगों के थे जो रोजी-रोटी के लिए बाहर रहते हैं। रैयाम गांव के लोग अब शाम ढलते ही घरों में दुबकने को मजबूर हैं।