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झंझारपुर के हटाढ़ रूपौली व हैंठीबाली गांव को अब तक नहीं मिला मातृत्व केन्द्र

स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता के कारण सुरक्षित प्रसव का लाभ झंझारपुर प्रखंड के दस गांव की महिलाओं को नहीं मिल रहा है। इन गांवों की औरतों को प्रसव की पीड़ा होने पर दस पन्द्रह किलोमीटर दूर अनुमंडलीय अस्पताल ले जाना पड़ता है। यह परेशानी हटाढ़ रूपौली व हैंठीबाली उपस्वास्थ्य केन्द्र में दो वर्ष बाद भी प्रसव केन्द्र चालू नहीं करने के कारण हो रही है। जबकि मातृत्व केन्द्र की स्थापना को लेकर दोनों उपस्वास्थ्य केन्द्रों पर लाखों रूपये खर्च किये जा चुके हैं।

क्या है मामला

दो वर्ष पहले विभाग के द्वारा झंझारपुर प्रखंड के हटाढ़ रूपौली व हैंठीबाली उपस्वास्थ्य केन्द्र पर मातृत्व केन्द्र की सुविधा देने की घोषणा की गयी थी। इसके आलोक में स्थानीय पीएचसी द्वारा लाखों रूपये खर्च कर बिजली वाइरिंग, रंगरोगन एवं आंतरिक व्यवस्था सुधार शुरू किया गया था। हटाढ़ रूपौली गांव स्थित उपस्वास्थ्य केन्द्र पर भी मातृत्व केन्द्र की स्थापना को लेकर मरम्मत प्रारंभ की गयी, लेकिन आज तक जरूरी कार्य पूर्ण नहीं किये जा सके हैं। मातृत्व केन्द्र की स्थापना की बात सुन स्थानीय ग्रामीण सहित आसपास के दस गांवों के लोग आशान्वित हो गये थे, कि अब महिलाओं को प्रसव के लिए अनयत्र नहीं जाना पड़ेगा। जबकि मरम्मत के नाम पर दोनों उपस्वाथ्य केन्द्र पर दो लाख की राशि खर्च हो चुकी है।

क्या कहते हैं ग्रामीण

हटाढ़ रूपौली गांव के संतो कुमार, सियाराम चौधरी,बद्रीनाथ मिश्र आदि ग्रामीणों ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि बजट किस तरह से बनाया गया था कि बिजली, रंगरोगन में ही पुरी की पूरी राशि खर्च हो गया।

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  • Web Title:Pregnant women not getting the facility of safe delivery.