
चुनाव खत्म होते ही प्रवासी मजदूरों की जाने लगे प्रदेश,ट्रेन उमड़ी भीड़
संक्षेप: बिहार विधानसभा चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न होने के बाद, मधुबनी रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है। दिवाली और छठ पर्व के बाद प्रवासी मजदूर और युवा अपने कार्यस्थलों की ओर लौट रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि बिहार में रोजगार और शिक्षा के अवसरों की कमी है, जिससे उन्हें बाहर काम करने जाना पड़ता है।
मधुबनी,निज प्रतिनिधि। बिहार विधानसभा चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न होने के बाद अब जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य होने लगा है। चुनावी हलचल थमते ही जिले के रेलवे स्टेशनों पर एक बार फिर यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी है। मधुबनी रेलवे स्टेशन पर बुधवार की सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग अपने-अपने काम पर लौटने के लिए पहुंचने लगे। दिवाली और छठ पर्व के अवसर पर घर आए प्रवासी मजदूर और युवा अब अपने कार्यस्थलों की ओर रवाना हो रहे हैं। रेलवे प्लेटफॉर्म पर लंबी कतारों में टिकट लेने वालों की भीड़ और ट्रेनों में चढ़ने की होड़ देखी गई।यात्रियों ने बताया कि वे मतदान के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने और बिहार के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से घर आए थे।

कई लोगों ने कहा कि बिहार में बेहतर शिक्षा, उद्योग और रोजगार के अवसरों की कमी के कारण उन्हें मजबूरन दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, गुजरात और पंजाब जैसे राज्यों में काम करने जाना पड़ता है। कुछ यात्रियों ने अफसोस जताया कि आज भी बिहार के युवा अपने घर से दूर रहकर रोजी-रोटी कमाने को विवश हैं।उनका कहना था कि बिहार में यदि उद्योगों की स्थापना, रोजगार सृजन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की व्यवस्था की जाए, तो राज्य के लोग अपने परिवारों के साथ यहीं रहकर सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर सकते हैं। कई प्रवासी मजदूरों ने सरकार से अपेक्षा जताई कि नए शासनकाल में रोजगार और औद्योगिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि राज्य के लोग बाहर जाने की बजाय अपने गांव-शहर में ही काम पा सकें। यात्रियों ने यह भी कहा कि बिहार के युवा मेहनती और प्रतिभाशाली हैं, बस उन्हें सही दिशा और अवसर की जरूरत है। अगर सरकार ठोस कदम उठाए, तो बिहार आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ सकता है।

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