6.49 लाख बच्चों को पिलाई जाएएगी पोलियो की खुराक
मधुबनी में पोलियो उन्मूलन अभियान शुरू किया गया है। सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने बच्चों को दवा पिलाकर अभियान की शुरुआत की। ये अभियान 28 जून से 2 जुलाई तक चलेगा, जिसमें 6,49,609 बच्चों को दवा देने का लक्ष्य है। स्वास्थ्यकर्मियों की प्रशिक्षण और निगरानी के लिए टीमें गठित की गई हैं।

मधुबनी, एक संवाददाता। "पोलियो उन्मूलन का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब कोई भी बच्चा पोलियो की दवा से वंचित न रहे। यह एक वायरस जनित बीमारी है जो बच्चों को जीवनभर के लिए लकवाग्रस्त कर सकती है और रीढ़ की हड्डी व मस्तिष्क को प्रभावित करती है। छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने से उनमें संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा है। इसलिए अभिभावक 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की दो बूंद अवश्य पिलाएं और बच्चों का नियमित टीकाकरण समय पर कराएं।" यह अपील सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने पल्स पोलियो अभियान के शुभारंभ अवसर पर की।
पोलियो अभियान की शुरुआत
जिले में 0 से 5 वर्ष के बच्चों को पोलियो से सुरक्षित रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग का पांच दिवसीय पल्स पोलियो अभियान रविवार को सदर अस्पताल से शुरू हुआ। डॉ. हरेंद्र कुमार ने खुद बच्चों को दो बूंद दवा पिलाकर अभियान की शुरुआत की। यह अभियान 28 जून से 2 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान जिले के सभी प्रखंडों में घर-घर जाकर बच्चों को खुराक पिलाई जाएगी। अभियान की प्रगति की समीक्षा के लिए प्रतिदिन प्रखंड टास्क फोर्स की बैठक होगी। सभी स्वास्थ्यकर्मियों को पहले ही प्रशिक्षित किया जा चुका है।
टीमों की संख्या और लक्ष्य
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. एस.के. विश्वकर्मा ने बताया कि अभियान में 6,49,609 बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 8,26,545 घरों को चिन्हित किया गया है। कामयाबी के लिए 1,958 टीमों का गठन किया गया है। दवा पिलाने के बाद बच्चों की उंगली पर स्याही का निशान और घरों पर चिह्न अंकित किए जाएंगे। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और चौक-चौराहों पर आने-जाने वाले बच्चों के लिए 348 ट्रांजिट टीम, ईंट-भट्ठों और घुमंतू आबादी के लिए 109 मोबाइल टीम और दुर्गम इलाकों के लिए 23 वन मैन टीम लगाई गई हैं। निगरानी के लिए 705 सुपरवाइजर तैनात हैं। अभियान के शुभारंभ पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक पंकज मिश्रा, अस्पताल प्रबंधक अब्दुल मजीद सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे。


