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मधुबनी

अखंड सुहाग की कामना के साथ नवविवाहिताओं ने शुरू की विषहर पूजा

हिन्दुस्तान टीम,मधुबनीPublished By: Newswrap
Thu, 29 Jul 2021 04:51 AM
अखंड सुहाग की कामना के साथ नवविवाहिताओं ने शुरू की विषहर पूजा

अखंड सुहाग की कामना के साथ नवविवाहिताओं ने शुरू की विषहर पूजा

मधुबनी/बेनीपट्टी ,निज प्रतिनिधि

अखण्ड सुहाग के लिए विवाहिताओं का महा पर्व मधुश्रावणी बुधवार से शरू हुआ। ससुराल से आये फूलों एवं पूजा की अन्य सामग्रियों से पूजा की शुरूआत की परंपरा रही है। पंद्रह दिनों की तपस्याएं पूरी कर अखण्ड सौभाग्य की मनोकामनाएं पूरी करने के लिए पूजा अर्चना की विधान रही है जिसका समापन पंद्रह दिनों बाद टेमी दगाई की रस्म से पूरी होती है। इस पूजा को लेकर नव विवाहिताओं का उत्साह चरम पर है। पूजा के दौरान पति का साथ रहना अति शुभ माना जाता है।मिथिलांचल का यह पर्व पति की लम्बी आयु के लिए की जाती है। मिथिला ही एक ऐसा क्षेत्र हैं जहां इस पर्व में स्वयं के लोढ़े गये बासी फूल-पत्तियों से महिला पंडिताइनों के द्वारा पूजा कराई जाती है। उनके लिए यह पर्व साधना के निमित होता है। जिसमें नमक खाने पर प्रतिबंध रहता है। मिट्टी की नाग-नागिन बनाकर विषहरा की पूजा की जाती है। पंडिताईन के द्वारा प्रतिदिन कथा के माध्यम से विषहरा के जन्म एवं राजा श्रीकर के बारे में जानकारी दी जाती है। शाम को नवविवाहिताएं अपनी सखियों के साथ फूल-पत्तियां लोढ़ने के लिए घर से निकलतीं हैं।

कलुआही प्रखंड के हरिपुर डीह टोल में फूल लोढ़तीं नवविवाहिताएं

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