विज्ञान का जीवन में हर समय उपयोग है: डीएम

विज्ञान का जीवन में हर समय उपयोग है: डीएम

संक्षेप:

मधुबनी में राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत विज्ञान प्रदर्शनी एवं क्विज प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इस बार का थीम 'विकसित भारत के लिए विज्ञान और नवाचार' था। डीएम आनंद शर्मा ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता की सराहना की और कहा कि विज्ञान जीवन में महत्वपूर्ण है। उत्कृष्ट प्रोजेक्ट्स को राज्य स्तर पर भेजा जाएगा।

Dec 10, 2025 09:51 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, मधुबनी
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मधुबनी,हिन्दुस्तान टीम। राष्ट्रीय आविष्कार अभियान अंतर्गत विज्ञान प्रदर्शनी एवं क्विज प्रतियोगिता का आयोजन बुधवार को नगर भवन में किया गया। इस बार का थीम विकसित भारत के लिए विज्ञान और नवाचार की संभावनाएं, कृत्रिम बुद्धिमता (एआई), क्वांटम युग की आगाज संभावनाएं एवं चुनौतियां तथा प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग की प्रदर्शनी था। उदघाटन जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा, अपर समाहर्ता मुकेश रंजन, उप निदेशक जनसंपर्क परिमल कुमार, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा नितेश कुमार पाठक, डीपीओ एसएसए शुभम कशोधन, डीपीओ माध्यमिक शिक्षा कुंदन कुमार, डीपीओ लेखा योजना मणिभूषण कुमार, एपीओ अखिलेश कुमार झा, एपीओ रमन कुमार ने किया। मौके पर डीएम आनंद शर्मा ने कहा कि विज्ञान का जीवन में हर समय उपयोग है।

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बगैर विज्ञान हम आगे नहीं बढ़ सकते। उन्होंने बच्चों से कहा कि आप अपना आकलन खुद कीजिए। सीखते सीखते आपको आगे बढ़ना है। डीएम ने बच्चों से कहा कि हमेशा जीवन में आगे बढ़ने का प्रयाय कीजिए। जिले का एवं राज्य का नाम रोशन कीजिए। उदघाटन के बाद जिलाधिकारी, आनंद शर्मा ने विज्ञान प्रदर्शनी में लगाए गए विभिन्न मॉडल एवं प्रोजेक्ट का अवलोकन किया तथा विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनके विचार, प्रयोग की विधि एवं उपयोगिता के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने छात्रों की रचनात्मकता, कल्पनाशीलता एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में नवाचार की भावना विकसित करते हैं और भविष्य के वैज्ञानिकों, अभियंताओं एवं शोधकर्ताओं को दिशा प्रदान करते हैं। इस विज्ञान प्रदर्शनी के मुख्य विषय “विकसित भारत के लिए विज्ञान और नवाचार”, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (अक), क्वांटम युग की आगत : संभावनाएँ और चुनौतियाँ तथा प्रोजेक्ट-बेस्ड लर्निंग रहे। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रोजेक्ट्स में समाजोपयोगी नवाचार, पर्यावरण संरक्षण, डिजिटल तकनीक, स्वास्थ्य, ऊर्जा एवं स्मार्ट समाधान जैसे विषयों को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। कार्यक्रम में कक्षा 6 से 8 तथा 9 से 12 के छात्रों ने लिया भाग: कार्यक्रम में कक्षा 6 से 8 तथा 9 से 12 वर्ग के विद्यार्थियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। चयनित उत्कृष्ट प्रोजेक्ट्स को राज्य स्तर पर पर भेजे जाने की प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई। लदनियां प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय, महथा के छात्र सौरव कुमार, नैतिक कुमार के द्वारा बनाये गए प्रोजेक्ट के साथ-साथ वर्षा जल से विद्युत, ग्रामीण सब्जी फ्रिज, दिव्यांगों को सड़क पार करने के दौरान दुर्घटना से बचाने के उद्देश्य से बनाया गया अल्ट्रासोनिक सेंसर, मिनी कोल्ड स्टोरेज, सस्टेनेबल सिटी, आत्महत्या रोकने के लिए बनाया गया नवाचार लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। कार्यक्रम के अंत में शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों द्वारा अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा विद्यार्थियों को निरंतर नवाचार एवं वैज्ञानिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया। पूरे कार्यक्रम का वातावरण उत्साहपूर्ण, ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी रहा। डीपीओ शुभम कसोधन ने कहा कि बच्चों में नवाचार का अच्छा माध्यम है ये प्रतियोगिता। डीपीओ माध्यमिक शिक्षा कुंदन कुमार एवं डीपीओ लेखा योजना मणिभूषण कुमार ने भी बच्चों के प्रोजेक्ट की सराहना किये। मंच संचालन पवन कुमार सिंह ने किया। मौके पर उमेश कुमार, कमलेश झा, अबरार अहमद, प्रेमनाथ गोसाईं, अमरेश गुप्ता, ओंकार यादव, उदय भूषण निराला, बसंत कुमार सिंह, विजय कुमार झा, सतीश सिंह, गोविंद कुमार, अभिषेक कुमार, मीनाक्षी कुमारी, अजीत कुमार झा, बिघ्नेश झा सहित कई लोग थे। ...................................................