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30 नवंबर, 2020|10:37|IST

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नारी गोसदन का कायाकल्प नहीं

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नन्दनगर नारी स्थित गोसदन का कायाकल्प अब तक नहीं हो सका है। बतादे कि यह विकलांग गायों के लिए बनी जिला का एकमात्र गोसदन है। यह इंडो- नेपाल सीमा पर अवस्थित है। बतादें कि इसके पास आज भी 120 एकड़ जमीन बची हुई है। इसका उपयोग नहीं हो पा रहा है। गोसदन के विकास व इलाके में रोजगार मुहैया कराने के उदेश्य से वर्ष 1999 ईं में यहां डेयरी सह प्रशिक्षण केन्द्र खोलने की योजना बनी थी, जो आज तक अधर में लटका हुआ है। यहां साल में एक बार गोपाष्टमी महोत्सव का आयोजन होता है।

इस मौके पर सभी विकास का रोना रोते है, साथ हीं विकास कराने का संकल्प भी दुहराते है, लेकिन फिर महोत्सव के बाद सब कुछ पूर्ववत रह जाती है। इसके करीब में एसएसबी कैम्प भी है। बतादे कि पूर्व में इस गोसदन के पास इतनी गायें थी कि यहां बायोगैस से बिजली का उत्पादन किया जाता था। लेकिन अब गायों की संख्या उतनी नहीं बची है। पूर्व में सरकार से अनुदान भी मिलता था, लेकिन अब यह भी नहीं मिल पा रहा है। ऐच्छिक कोष से बनाये गए गो शेड व यात्री शेड है।