मैथिली लोक गीत संगीत के सुमधुर स्वरों से सराबोर हुए श्रोता
तीन दिवसीय मिथिला विभूति स्मृति पर्व समारोह का समापन दरभंगा के सांसद गोपालजी ठाकुर के उदघाटन के साथ हुआ। सांसद ने मैथिली भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए केंद्र सरकार का धन्यवाद किया। मैथिली भाषा के विकास पर बल देते हुए कार्यक्रम में विभिन्न कलाकारों ने प्रस्तुति दी।

रहिका,निज संवाददाता। तीन दिवसीय मिथिला विभूति स्मृति पर्व समारोह के अंतिम दिन रविवार की शाम के कार्यक्रम का उदघाटन दरभंगा के सांसद गोपालजी ठाकुर ने किया। उदघाटन कार्यक्रम के बाद सांसद श्री ठाकुर ने संबोधित करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार ने मैथिली भाषा को आठवीं अनुसूची में सूचीबद्ध कर मिथिला का सम्मान दिया। परंतु मैथिली भाषी क्षेत्र के लोग राजकाज में मैथिली भाषा के इस्तेमाल नहीं कर उपेक्षित कर रहे हैं। जबकि केन्द्र सरकार द्वारा समीक्षा किया जाता है कि मैथिली भाषा में लोग कार्यालय तथा अन्य सरकारी का काम में उपयोग करने से चूक कर रहे हैं। मुख्य अतिथि विधायक बिनोद नारायण झा ने संबोधित करते हुए कहा कि मैथिली भाषा का विकास होने के साथ मिथिलांचल का आर्थिक समृद्धि भी हो रहा है।
मैथिली भाषा को अधिक विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।रिजनल स्कूल के निदेशक राम श्रृंगार पांडेय ने मैथिली भाषा एवं संस्कृति को संरक्षित करने तथा इसके विकास पर प्रकाश डाला।आगत अतिथियों को मैथिल समाज रहिका के महासचिव शीतलाम्बर झा एवं संरक्षक उदय चन्द्र झा विनोद ने गीत संगीत के क्षेत्र में रवीन्द्र महेन्द्र सम्मान गायक अवनिंद्र नाथ ठाकुर को तथा चुन-चुन मिश्र सम्मान व पुरस्कार चेतना समिति के अध्यक्ष विवेकानन्द झा को मैथिली भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए दिया गया। कार्यक्रम के दूसरे चरण में नामचीन मैथिली लोक गीत गायकों ने देर रात तक समान बांधे रखा। कुंज बिहारी मिश्र,माधव राम,गौरव ठाकुर,डा.रामसेवक ठाकुर सहित दर्जनों कलाकारों ने सुमधुर आधुनिक गीत,गजल एवं विद्यापति के गीत गाकर श्रोताओं को आनंदित किया। कार्यक्रम के अंत मैथिल समाज रहिका के महासचिव शीतलाम्बर झा ने कार्यक्रम की सफल आयोजन शांतिपूर्ण होने पर तथा सहयोग करने वाले तमाम लोगों को धन्यवाद दिया।
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