
वार्ड-सात में नाला न सड़क की व्यवस्था आने-जाने में हादसे का बना रहता डर
मधुबनी नगर निगम क्षेत्र की वार्ड संख्या 7 में दो हजार से अधिक लोग वर्षों से जलजमाव और जर्जर सड़कों जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नगर निगम और वार्ड कमिश्नर ने उनकी समस्याओं को अनदेखा किया है, जिससे लोग निराश और आक्रोशित हैं। यदि जल्दी सुधार नहीं हुआ, तो लोग आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
मधुबनी । मधुबनी नगर निगम क्षेत्र की वार्ड संख्या 7 में रहने वाले करीब दो हजार से अधिक लोग वर्षों से सड़क पर जलजमाव, जर्जर सड़क और बदहाल साफ-सफाई जैसी गंभीर समस्याओं से जूझते आ रहे हैं। हालात इतने खराब है कि मोहल्लेवासियों की परेशानियों को न तो कोई सुनने वाला नजर आता है और न ही कोई देखने वाला। स्थानीय लोगों में वार्ड कमिश्नर और नगर निगम के अधिकारियों के कार्यों को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का साफ कहना है कि बार-बार शिकायतों और गुहार के बावजूद उनकी समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नगर निगम चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधि मोहल्ले में पहुंचकर बड़े-बड़े वादे किया करते थे।
उस समय आश्वासन दिया गया था कि वार्ड की सड़कों का निर्माण कराया जाएगा, नालियों का निर्माण होगा और जलजमाव की समस्या से स्थायी राहत दिलाई जाएगी। चुनाव के वक्त जनप्रतिनिधियों की बातें सुनकर लोगों को लगा था कि अब मोहल्ले की तस्वीर बदलेगी और वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान होगा। लेकिन चुनाव जीतने के बाद सभी वादे कागजों तक ही सिमट कर रह गए। लोगों का आरोप है कि जीत के बाद जनप्रतिनिधियों ने मोहल्ले की ओर पलटकर देखना भी जरूरी नहीं समझा। नगर निगम में शामिल होने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि अब विकास कार्यों में तेजी आएगी और बुनियादी सुविधाएं बहाल होंगी। लेकिन चुनाव के दो वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं। मोहल्ले की सड़कें आज भी बदहाल हैं और नालियों का अभाव या उनकी जर्जर स्थिति जलजमाव की समस्या को और गंभीर बना रही है। जब कभी वार्ड पार्षद से सड़क पर जलजमाव या नाला निर्माण को लेकर सवाल किया जाता है तो केवल आश्वासन ही मिलता है। कार्य धरातल पर कहीं दिखाई नहीं देता, जिससे लोगों में निराशा और आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। बरसात के दिनों में स्थिति और भयावह हो जाती है। हल्की बारिश होते ही सड़कों पर घुटने भर पानी भर जाता है। कई जगहों पर गड्ढों में भरा गंदा पानी दुर्घटनाओं को न्योता देता है। इस रास्ते से गुजरना बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए बेहद मुश्किल हो जाता है। पैदल चलना तो दूर, दोपहिया वाहन चालकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार लोग फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे चोटिल होने की घटनाएं आम हो गई हैं।जलजमाव की वजह से मोहल्ले में बाहरी वाहनों का आना-जाना भी प्रभावित हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि टैक्सी, ऑटो या अन्य गाड़ियां इस रास्ते पर आने से कतराती हैं। यदि कोई वाहन आता भी है तो वह सामान्य से कहीं अधिक किराया मांगता है। इससे खासकर बीमार लोगों, बुजुर्गों और आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल ले जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार लोगों को मजबूरी में पैदल ही गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है।मोहल्लेवासियों का आरोप है कि नगर निगम समय पर टैक्स वसूलने में कोई कोताही नहीं बरतती, लेकिन बदले में मूलभूत सुविधाएं देने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। साफ-सफाई की स्थिति भी बेहद खराब है। नियमित सफाई नहीं होने से सड़क किनारे कूड़ा-कचरा जमा रहता है, जिससे दुर्गंध फैलती है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। इससे डेंगू, मलेरिया और अन्य बीमारियों का खतरा बना रहता है। इसके बावजूद निगम प्रशासन इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही सड़क और नाला निर्माण का कार्य शुरू नहीं किया गया और जलजमाव की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। लोगों ने मांग की है कि नगर निगम और वार्ड पार्षद मौके पर आकर स्थिति का जायजा लें और कागजी आश्वासनों के बजाय धरातल पर ठोस कार्रवाई करें। वार्ड संख्या 7 के निवासी आज भी इस इंतजार में हैं कि कब उनकी आवाज सुनी जाएगी और कब उन्हें इस नारकीय स्थिति से राहत मिलेगी। जर्जर सड़क से आवागमन में वाहन चालकों को होती है काफी परेशानी नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 7 के मोहल्ले में जर्जर सड़कें स्थानीय लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन चुकी हैं। मोहल्लेवासियों का कहना है कि सड़कें लंबे समय से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हैं, जिसके कारण रोजाना आवागमन करना बेहद कठिन हो गया है। पैदल चलने वाले हों या दोपहिया वाहन चालक, सभी को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जगह-जगह बने गड्ढों से लोगों को हमेशा दुर्घटना का डर बना रहता है।बारिश के मौसम में हालात और भी भयावह हो जाते हैं। हल्की बारिश होते ही सड़क पर पानी भर जाता है, जिससे गड्ढे पूरी तरह छिप जाते हैं। पानी से भरे गड्ढों का अंदाजा न लग पाने के कारण राहगीर कई बार फिसलकर गिर जाते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार अब तक कई लोग इन गड्ढों में गिरकर घायल हो चुके हैं, जिनमें बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं।मोहल्लेवासियों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या की जानकारी नगर निगम और वार्ड कमिश्नर को कई बार दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लोगों में निगम प्रशासन की उदासीनता को लेकर गहरा आक्रोश है। स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि जल्द से जल्द सड़क का मरम्मत कार्य कराया जाए, ताकि हादसों पर रोक लग सके और लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके। सड़कों पर बहता रहता घरों का गंदा पानी नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 7 के मोहल्ले में नाला निर्माण नहीं होने से बरसात के दिनों में हालात बेहद खराब हो जाते हैं। बारिश होते ही सड़कें तालाब का रूप ले लेती हैं और हल्की बारिश में भी सड़कों पर पानी भर जाता है। इससे आम लोगों का चलना-फिरना दुश्वार हो गया है। खासकर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय निवासियों के अनुसार बारिश का गंदा पानी कई-कई दिनों तक सड़कों पर जमा रहता है। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण पानी निकल नहीं पाता, जिससे पूरे इलाके में दुर्गंध फैल जाती है। वहीं जमा पानी में मच्छरों के पनपने से मलेरिया, डेंगू और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। मोहल्लेवासियों में इसे लेकर लगातार भय का माहौल बना हुआ है। ------------------बोले जिम्मेदार--------------- वार्ड 7 मोहल्ले की सड़क पर जलजमाव, नाला निर्माण, साफ सफाई को लेकर समस्याएं संज्ञान में आया है। सड़क और नाला निर्माण को लेकर टेंडर जारी किए गए हैं। जल्द ही सड़क और नाला निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। वहीं साफ सफाई को लेकर सफाई कर्मचारी की नियुक्ति की गई है। इस संबंध में संबंधित अधिकारी को साफ सफाई को लेकर निर्देश दिए गए हैं । -उमेश कुमार भारती, नगर आयुक्त, मधुबनी

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