वार्ड-25: बदहाल सफाई, स्ट्रीट लाइट की कमी व पानी संकट से 5 हजार लोग बेहाल
मधुबनी नगर निगम के वार्ड 25 के तुरहा टोल में सफाई, सड़कें और पेयजल की समस्याएं बनी हुई हैं। दो साल पहले नगर निगम में शामिल होने के बाद भी स्थानीय निवासी असुविधाओं का सामना कर रहे हैं। लोग जलजमाव, गंदगी और बीमारियों के खतरे से परेशान हैं।
मधुबनी । मधुबनी नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 25 के तुरहा टोल की स्थिति आज भी जस की तस है। नगर निगम की लापरवाही के कारण समस्याएं यथावत बनी हुई है। दो वर्ष पूर्व शहर सीमा में शामिल होने के बाद लोगों ने उम्मीद की थी कि उन्हें बेहतर सड़क, साफ-सफाई, नाला निर्माण और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी, लेकिन समय बीतता गया और विकास के सारे वादे हवा हो गए। लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि नगर निगम चुनाव में मिले वादे सिर्फ भाषणों तक सीमित रह गए। वार्ड संख्या 25 के लोग पूछ रहे हैं कि जब टैक्स वसूली में नगर निगम इतना सक्रिय है, तो समस्याओं के समाधान के समय यह निष्क्रिय क्यों हो जाता है? तुरहा टोल के निवासी नागेंद्र राउत, आदित्य कुमार, पवन करार, मनोज श्रीवास्तव और अर्जुन साह बताते हैं कि नगर निगम बनने के बाद भी यहां सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है।

सड़कें गंदगी से पटी रहती हैं और कचरा उठाव का कोई नियमित इंतजाम नहीं है। पेयजल संकट इस इलाके की सबसे बड़ी समस्या बन चुका है। पाइपलाइन तो बिछाई गई है, लेकिन पानी की आपूर्ति नाम मात्र की होती है। लोग रोजमर्रा के कामकाज के लिए दूसरे मोहल्लों से पानी ढोने को मजबूर हैं। नाला निर्माण नहीं होने से महीनों रहता है जलजमाव: लोगों का कहना है कि नाला निर्माण का मामला वर्षों से सिर्फ कागजों पर ही आगे बढ़ रहा है। बरसात आते ही स्थिति भयावह हो जाती है। हल्की बारिश भी पूरे क्षेत्र में जलजमाव की स्थिति हो जाती है। सड़कें तालाब का रूप ले लेती हैं, घरों के सामने गंदा पानी भर जाता है, और कीचड़ के कारण पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति किसी संकट से कम नहीं होती। महिलाएं बाजार नहीं जा पातीं और बुजुर्गों को हर कदम सोच-समझकर रखना पड़ता है। कई बार लोग फिसलकर चोटिल हो जाते हैं, जिनकी शिकायतें आए दिन सामने आती रहती हैं। बीमारियों को न्योता दे रही गंदगी: स्थानीय लोगों के अनुसार, जलजमाव के साथ-साथ बीमारी का खतरा भी बढ़ जाता है। मच्छरों की भरमार, बदबू, संक्रमण और गंदगी के कारण पूरा इलाका बीमारियों का गढ़ बन गया है। डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा मंडराता रहता है, लेकिन नगर निगम की ओर से न दवा छिड़काव कराया जाता है और न ही समय पर सफाई। शिकायतों पर नहीं हुई सुनवाई: इलाके के लोगों का कहना है कि यहां की समस्याओं को लेकर कई बार नगर निगम कार्यालय के चक्कर लगा चुके हैं। शिकायतें दर्ज कराई, जनप्रतिनिधियों से मिले, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला। दो वर्षों में जमीनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों का आरोप है कि नगर निगम में शामिल होने के बाद सिर्फ टैक्स बढ़ा है, सुविधाएं नहीं। तुरहा टोल के निवासियों पर अब अतिरिक्त टैक्स का बोझ पड़ गया है। नगर निगम होने के नाम पर हर साल टैक्स वसूला जा रहा है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं। बारिश के मौसम में तो स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि लोग मुख्य सड़कों की बजाय लंबे और असुविधाजनक वैकल्पिक रास्ते चुनने पर मजबूर हो जाते हैं। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्हें न केवल सुनवाई चाहिए, बल्कि त्वरित कार्रवाई भी चाहिए। निरंतर साफ सफाई की व्यवस्था नहीं : नगर निगम के अधिकारी चाहे जितना दावा कर लें कि मधुबनी शहर में प्रतिदिन सफाई हो रही है, लेकिन वार्ड 25 की गली की हालत इन दावों की पोल खोल कर रख देती है। यहां गली में जगह-जगह गंदा पानी भरा रहता है, कूड़ा-कचरा सड़कों पर बिखरा पड़ा होता है और बदबू से लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो जाता है। यह स्थिति सिर्फ एक-दो दिन की नहीं, बल्कि महीनों तक बनी रहती है। खासकर बारिश के गली की सड़कें जलजमाव के कारण कीचड़ में बदल जाती हैं और आसपास फैले कूड़े-कचरे से संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। मोहल्लेवासी अपने ही घरों में बंद रहने को मजबूर हो जाते हैं, क्योंकि बाहर निकलना मतलब बीमारी को दावत देना है। नगर निगम का दावा है कि नियमित सफाई की जा रही है, लेकिन इस गली में न तो कोई सफाईकर्मी नजर आता है, न ही कूड़ा उठाने की कोई व्यवस्था है। यहां के लोग बार-बार शिकायत करने के बाद भी सिर्फ आश्वासन ही पाते हैं। सफाई नहीं होने से बढ़ी परेशानी मधुबनी नगर निगम भले ही शहर में नियमित सफाई अभियान चलाने का दावा करता हो, लेकिन वार्ड-25 के नारियल बाजार तुरहा टोल की जमीनी स्थिति इन दावों को पूरी तरह खारिज करती नजर आती है। यहां की गलियों में रोजाना गंदा पानी जमा रहता है, कूड़ा-कचरा सड़कों पर बिखरा रहता है और बदबू से माहौल इतना प्रदूषित हो जाता है कि लोग घर से बाहर निकलना तक उचित नहीं समझते। यह समस्या एक-दो दिन की नहीं, बल्कि महीनों से लगातार बनी हुई है, जिससे स्थानीय लोगों का दैनिक जीवन गहराई से प्रभावित हो रहा है। नारियल बाजार तुरहा टोल के निवासियों का कहना है कि यदि नगर निगम सच में सफाई के प्रति गंभीर है, तो उसे जमीनी स्तर पर व्यवस्था को दुरुस्त करना होगा। जब तक सफाईकर्मियों की नियमित तैनाती, कचरा उठाव और जलनिकासी की व्यवस्था नहीं सुधरेगी, तब तक वार्ड 25 का स्मार्ट सफाई का सपना अधूरा ही रहेगा।
बोले जिम्मेदार-शहर के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए नगर निगम द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। विशेष रूप से नारियल बाजार तुरहा टोल में लंबे समय से जलजमाव की समस्या ने जनजीवन को प्रभावित किया है। प्रत्येक वर्ष बरसात के मौसम में यह क्षेत्र एक अस्थायी जलाशय में तब्दील हो जाता है, जिससे आम नागरिकों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में विशेष पहल के तहत नाला कार्य को शीघ्र आरंभ करने की योजना बनाई गई है। इस उद्देश्य से संबंधित टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, और कार्य शीघ्र शुरू होने की उम्मीद है। -उमेश कुमार भारती नगर आयुक्त, मधुबनी

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