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वार्ड पांच व आठ में जमा है नाले का पानी दस हजार की आबादी झेल रही परेशानी

वार्ड पांच व आठ में जमा है नाले का पानी दस हजार की आबादी झेल रही परेशानी

संक्षेप:

मधुबनी के वार्ड 5 और 8 में सड़कें कई वर्षों से तालाब में तब्दील हो चुकी हैं, जिससे स्थानीय निवासियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात में जलजमाव के कारण लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। 

Dec 10, 2025 05:15 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, मधुबनी
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मधुबनी । मधुबनी मुख्यालय से महज दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित वार्ड संख्या 5 और 8 में सड़कें सालों से तालाब में तब्दील हो गई हैं। करीब दस हजार लोग महीनों घरों से बाहर निकल नहीं पाते। हल्की बारिश भी क्षेत्र की मुख्य सड़क को पूरी तरह जलमग्न कर देती है, जिससे सड़क और किनारे स्थित तालाब में अंतर करना मुश्किल हो जाता है। स्थानीय निवासी इसे अपनी रोजमर्रा की सबसे बड़ी परेशानी बताकर कहते हैं कि बरसात आते ही पूरा मोहल्ला किसी कैदखाने जैसा बन जाता है। स्थानीय निवासी मोहम्मद नजीम, हरि शंकर ठाकुर, अलाउद्दीन और नारायण चौधरी का कहना है कि वार्ड की हालत वर्षों से ऐसी ही है।

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नाला निर्माण अधूरा पड़ा है, पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं और सड़क की मरम्मत का नाम तक नहीं लिया जाता। नतीजा यह कि गंदा पानी महीनों सड़कों पर भरा रहता है। इन निवासियों के अनुसार न नेता, न जिला प्रशासन और न ही नगर निगम के अधिकारी इस वार्ड की स्थिति पर ध्यान देते हैं। शिकायतें सुन ली जाती हैं, फाइलें भी चलती होंगी, लेकिन जमीन पर हालात जस के तस बने हुए हैं। स्थिति इतनी खराब है कि कोई भी वाहन इस इलाके में आने से कतराता है। अगर किसी मजबूरी में वाहन चालक आते भी हैं तो दुगुना किराया मांगते हैं। स्थानीय लोग बताते हैं कि उन्हें अक्सर अतिरिक्त पैसे देकर ही अपने घर तक पहुंचना पड़ता है। जलजमाव की वजह से बाइक और स्कूटी तक इस रास्ते पर चलना भारी जोखिम भरा होता है। सड़क के नीचे गहरे गड्ढे हैं, जो जलभराव के कारण दिखाई नहीं देते, और आए दिन लोग गिरकर घायल हो जाते हैं।चुनाव आते ही बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन जीतने के बाद नेता इस वार्ड की ओर मुड़कर देखते तक नहीं। नागरिकों का कहना है कि हर वर्ष जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत कराया जाता है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों के भीतर इस उपेक्षा को लेकर गहरी नाराजगी है।सबसे चिंताजनक बात यह है कि जलजमाव के कारण महीनों तक बच्चों की स्कूल जाने की व्यवस्था बाधित होती है। घुटने तक पानी भरी सड़कें बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं, इसलिए अभिभावक उन्हें घर पर ही रोकने को मजबूर होते हैं। महिलाओं की परेशानियां भी कम नहीं हैं। जरूरी सामान लाने के लिए घर से चौक तक जाना भी किसी मुसीबत से कम नहीं। फिसलन भरी सड़कें और जगह-जगह गंदा पानी उन्हें रोजाना संकट में डाल देता है। विडंबना यह है कि इसी वार्ड में विधायक, कई राजनीतिक नेताओं और नामी डॉक्टरों का आवास भी स्थित है, लेकिन फिर भी इस इलाके की सड़कों की तस्वीर नहीं बदलती। स्थानीय लोग इसे प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की गंभीर उपेक्षा का जीता-जागता उदाहरण बताते हैं।जहां सड़कें महीनों पानी में डूबी रहती हैं, वहीं पेयजल की व्यवस्था बल्किुल उलट है। वार्ड में कई चापाकल खराब पड़े हैं और महीनों से सूखे हैं। नल-जल योजना का लाभ लोगों को नाम मात्र को भी नहीं मिल रहा। पेयजल संकट यहां के नागरिकों के लिए बड़ी समस्या बन चुका है। लोग घर-घर पानी ढोकर गुजारा करते हैं। वार्ड 5 और 8 के निवासी अब प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप और स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर अब भी व्यवस्था नहीं बदली, तो यह क्षेत्र आने वाले दिनों में स्वास्थ्य और सुरक्षा दोनों के लिहाज से बड़े खतरे का केंद्र बन सकता है। वार्ड की सड़कों पर जलजमाव से है परेशान जनता: जिले के नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत वार्ड संख्या 5 और 8 की स्थिति इन दिनों अत्यंत बदतर हो चुकी है। मूलभूत सुविधाओं की कमी और प्रशासनिक उदासीनता के कारण यहां के लोगों का जीवन मुश्किलों से घिरा हुआ है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वर्षों बीत जाने के बावजूद सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई, जिसके चलते गलियों की हालत खस्ताहाल बनी हुई है। गड्ढों से भरी सड़कें बारिश के दौरान पूरी तरह जलमग्न हो जाती हैं। कई लोग फिसलकर चोटिल भी हो चुके हैं, लेकिन नगर निगम की ओर से कोई प्रभावी कदम अब तक नहीं उठाया गया।जल निकासी व्यवस्था की स्थिति भी चिंताजनक है। नालियां जाम होने से घरों के सामने गंदा पानी जमा रहता है। लगातार जलजमाव से सड़कों पर कीचड़ फैल गया है, जिससे लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जलजमाव और गंदगी के कारण पूरे इलाके में दुर्गंध फैली रहती है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों की सेहत को लेकर लोग बेहद चिंतित हैं। शिकायतें कई बार की जा चुकी हैं, लेकिन नगर निगम प्रशासन की लापरवाही के चलते समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। दावे की पोल खोल रही कुव्यवस्था निगम के अधिकारी चाहे जितना दावा कर लें कि मधुबनी शहर में रोज सफाई हो रही है, लेकिन वार्ड 5 व 8 की रामजनकी चौक की हालत इन दावों की पोल खोल रही है। यहां की जमीनी सच्चाई यह है कि गली में जगह-जगह गंदा पानी भरा रहता है, कूड़ा-कचरा सड़कों पर बिखरा रहता है और बदबू से लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो जाता है। यह स्थिति सिर्फ एक-दो दिन की नहीं, बल्कि महीनों तक बनी रहती है। बारिश के मौसम में तो हालात और भी भयावह हो जाते हैं। सड़कें जलजमाव से कीचड़ में बदल जाती हैं और आसपास फैले कूड़े-कचरे से संक्रमण व बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। मोहल्लेवासी मजबूर हो जाते हैं कि वे कई दिनों तक अपने ही घरों में बंद रहें। बाहर निकलना मतलब बीमारी को दावत देना है। निगम का दावा है कि नियमित सफाई की जा रही है पर इस गली में न तो कोई सफाईकर्मी नजर आता है, न कूड़ा उठाने की कोई व्यवस्था है। ---

-बोले जिम्मेदार-

शहर के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए नगर निगम द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में विशेष पहल के तहत नाला कार्य को शीघ्र आरंभ करने की योजना बनाई गई है। इस उद्देश्य से संबंधित टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, और कार्य शीघ्र शुरू होने की उम्मीद है।वार्ड संख्या 5 और 8 में लंबे समय से जलजमाव की समस्या की जानकारी प्राप्त हुई है नाला नर्मिाण कार्य शुरू किया गया है बरसात के मौसम से पहले ही यह कार्य पूर्ण कर दिया जाएगा जिसे लोगो को जलजमाव की समस्या से निजात मिल सकेगा।

-उमेश कुमार भारती नगर आयुक्त मधुबनी