Hindi NewsBihar NewsMadhubani NewsMadhubani Motor Vehicle Testing Track Neglect Leads to Crime and Insecurity
वाहन टेस्टिंग ट्रैक परिसर नशेड़ियों का अड्डा बना, पुलिस गश्त बढ़ाई जाए

वाहन टेस्टिंग ट्रैक परिसर नशेड़ियों का अड्डा बना, पुलिस गश्त बढ़ाई जाए

संक्षेप:

मधुबनी शहर में गंगा सागर चौक के पास बने मोटर वाहन टेस्टिंग ट्रैक की स्थिति गंभीर हो गई है। निर्माण के बाद से विभागीय लापरवाही के कारण यह ट्रैक अब असामाजिक गतिविधियों का अड्डा बन चुका है। स्थानीय...

Sep 05, 2025 12:48 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, मधुबनी
share Share
Follow Us on

मधुबनी । मधुबनी शहर में गंगा सागर चौक के पास परिवहन विभाग द्वारा मोटर वाहन टेस्टिंग ट्रैक का निर्माण कराया गया। दो वर्ष पूर्व इस टेस्टिंग ट्रैक का निर्माण कराया गया था, ताकि मोटर वाहन चालकों के प्रशिक्षण और उनके लाइसेंस की जांच व प्रक्रिया सुचारू ढंग से हो सके। परंतु निर्माण के बाद से ही विभागीय लापरवाही और उपयोग न होने की वजह से यह ट्रैक अब अपनी उपयोगिता खो बैठा है। जहां यह स्थान नए चालकों के लिए सुरक्षित ड्राइविंग सीखने और वाहन चालन की परीक्षा देने का केंद्र होना चाहिए था, वहीं आज यह नशेड़ियों, जुआरियों और असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गया है।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि शाम ढलते ही पूरा इलाका असुरक्षित हो जाता है। स्थानीय निवासियों और कारोबारियों का कहना है कि विभाग की अनदेखी ने इस ट्रैक को अपराधियों और उपद्रवियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह बना दिया है। गंगा सागर चौक शहर का प्रमुख और व्यस्त इलाका है। दिनभर हजारों लोग इस मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन जैसे ही शाम होती है, इस क्षेत्र का वातावरण बदल जाता है। टेस्टिंग ट्रैक के आसपास जुआ खेलने वाले गिरोह, नशा करने वाले लोग और आपराधिक प्रवृत्ति के लोग सक्रिय हो जाते हैं। राहगीरों, खासकर महिलाओं और छात्र-छात्राओं के लिए इस मार्ग से गुजरना बेहद मुश्किल हो जाता है। कई बार छेड़खानी और झगड़े जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं। स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि शाम के समय ट्रैक और उसके आसपास का इलाका पूरी तरह असुरक्षित हो जाता है। ग्राहक अपने परिवार के साथ बाजार आने से कतराते हैं। नतीजतन, दुकानों पर ग्राहकों की संख्या घट जाती है और व्यापार पर सीधा असर पड़ता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि परिवहन विभाग ने ट्रैक बनाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान ली। न तो यहां नियमित ड्राइविंग टेस्ट आयोजित किए गए और न ही किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था की गई। धीरे-धीरे इस जगह को असामाजिक तत्वों ने कब्जे में ले लिया। यदि विभाग ने समय-समय पर ट्रैक का उपयोग किया होता या यहां पर निगरानी और चौकसी की व्यवस्था होती, तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। आज हालात यह है कि जो जगह शहर के विकास और सुरक्षा के लिए बनाई गई थी, वही शहरवासियों के लिए परेशानी और भय का कारण बन गई है। गंगा सागर चौक से कई शैक्षणिक संस्थानों और बाजार क्षेत्रों का रास्ता गुजरता है। रोजाना सैकड़ों छात्र-छात्राएं और महिलाएं इस मार्ग का उपयोग करती हैं। लेकिन असामाजिक तत्वों की मौजूदगी के कारण वे असुरक्षित महसूस करती हैं। कई बार छात्राओं और महिलाओं ने परेशान होकर रास्ता बदलना शुरू कर दिया है। इस वजह से उनके दैनिक जीवन पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है। गंगा सागर चौक और उसके आसपास का इलाका शहर का प्रमुख बाजार है। यहां रोजाना सैकड़ों दुकाने खुलती हैं और ग्राहकों की भीड़ रहती है। लेकिन टेस्टिंग ट्रैक की अव्यवस्था और असामाजिक गतिविधियों की वजह से ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हुई है। दुकानदारों का कहना है कि शाम होते ही ग्राहक परिवार के साथ बाजार आने से बचते हैं। इसका सीधा असर बिक्री पर पड़ता है और व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने प्रशासन और परिवहन विभाग से मांग की है कि इस टेस्टिंग ट्रैक को जल्द से जल्द उपयोग में लाया जाए। यहां पर नियमित मोटरवाहन चालन परीक्षण की व्यवस्था होनी चाहिए और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने चाहिए। लोगों का सुझाव है कि यदि विभाग अपने स्तर पर इसका सही उपयोग नहीं कर पा रहा है तो इसे नगर निगम या अन्य विभाग को सौंप दिया जाए, ताकि इस जगह का उचित प्रबंधन हो सके। साथ ही, यहां पुलिस की गश्त और सीसीटीवी कैमरे लगाने की भी जरूरत है। शहरवासियों का स्पष्ट कहना है कि अब और देरी बर्दाश्त नहीं होगी। प्रशासन और विभाग को जल्द ही ठोस कदम उठाकर टेस्टिंग ट्रैक को उसकी मूल उपयोगिता में लाना होगा, तभी गंगा सागर चौक का यह इलाका सुरक्षित और उपयोगी बन सकेगा। स्थानीय रमन कुमार ने बताया कि मोटरवाहन टेस्टिंग ट्रैक तो बना दिया गया लेकिन इसे ऐसे ही वीरान अवस्था में छोड़ दिया गया यहां टेस्टिंग तो नहीं होती है। गंगा सागर चौक का मोटरवाहन चालन टेस्टिंग ट्रैक एक महत्वपूर्ण परियोजना थी, जो शहर के विकास और यातायात व्यवस्था को मजबूत बनाने में सहायक हो सकती थी। लेकिन विभागीय उदासीनता ने इसे असामाजिक गतिविधियों का अड्डा बना दिया है। यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है। मोटरवाहन टेस्टिंग ट्रैक हो रहा खराब, बढ़ती जा रहीं समस्याएं मधुबनी शहर में परिवहन विभाग द्वारा निर्मित मोटर वाहन टेस्टिंग ट्रैक इन दिनों उपेक्षा और लापरवाही का शिकार बना हुआ है। मुख्यालय से सटे गंगा सागर चौक के पास बने इस ट्रैक का निर्माण करीब दो वर्ष पूर्व किया गया था, ताकि वाहन चालकों के लिए लाइसेंस टेस्टिंग की सुविधा मिल सके और सड़क पर अनियंत्रित वाहन संचालन को रोका जा सके। लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण इस ट्रैक का उपयोग अब तक नहीं हो पाया है। लाखों रुपये की लागत से बने इस ट्रैक का सही उपयोग न होने से यह जगह अब वीरान पड़ी रहती है। दिन प्रतिदिन इसकी स्थिति और खराब होती जा रही है। खाली पड़े इस स्थल पर अब असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहने लगा है। नशाखोरी, जुआ और अन्य अवैध गतिविधियां यहां आम हो गई हैं, जिससे आसपास के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यही नहीं, आसपास रहने वाले परिवार और छोटे बच्चों के लिए भी यह जगह असुरक्षा का कारण बन गई है। इसके अलावा ट्रैक के खाली और अनुपयोगी होने से यह आवारा पशुओं का अड्डा भी बन गया है। गाय, भैंस और अन्य मवेशी यहां डेरा जमाए रहते हैं, जिससे जगह-जगह गंदगी फैलती है और दुर्गंध का माहौल बनता है। शहर के बीचों-बीच बनी यह सुविधा अगर सही ढंग से उपयोग में लाई जाती तो न सिर्फ लाइसेंस प्रक्रिया सरल होती बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था में भी सुधार आता। स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि परिवहन विभाग जल्द से जल्द इस ट्रैक को सक्रिय करे और यहां नियमित रूप से ड्राइविंग टेस्टिंग की व्यवस्था शुरू की जाए। सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर रोक लग सके ।

बोले जिम्मेदार गंगा सागर चौक स्थित परिवहन विभाग द्वारा निर्मित मोटरवाहन टेस्टिंग ट्रैक की जर्जर स्थिति के बारे में जानकारी मिली है। चारों तरफ बाउंड्री नहीं होने से लोगो को कई तरह की समस्याएं आती हैं। टेस्टिंग ट्रैक के चारों तरफ बाउंड्री को लेकर विभाग को लिखा गया है, जल्द ही बाउंड्री निर्माण कार्य किया जाएगा। राम बाबू, जिला परिवहन पदाधिकारी मधुबनी