Madhubani News: बिजली की बदहाल व्यवस्था: ग्रामीण इलाकों में नौ घंटे तो शहर में पांच घंटे कट रही बिजली

हिन्दुस्तान, मधुबनी
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Madhubani News: मधुबनी जिले में बिजली व्यवस्था खराब हो गई है। ग्रामीण इलाकों में 9 घंटे जबकि शहर में 5 घंटे बिजली कटौती हो रही है। विभाग का दावा है कि शहरी क्षेत्र में 23.5 घंटे एवं ग्रामीण में 22 घंटे बिजली उपलब्ध है। कार्यपालक अभियंता ने कहा कि बरसात में लोकल फॉल्ट से बिजली की आपूर्ति बाधित होती है।

Madhubani News: बिजली की बदहाल व्यवस्था: ग्रामीण इलाकों में नौ घंटे तो शहर में पांच घंटे कट रही बिजली

Madhubani News: मधुबनी। जिले में बिजली आपूर्ति का हाल बेहाल है,उमस भरी गर्मी में हर दिन बिजली व्यवस्था चरमरा रही है। ग्रामीण इलाकों में नौ घंटे तो शहर में पांच घंटे से अधिक बिजली की कटौती हो रही है। 33 केवी लाइन ब्रेक डाउन एवं लोकल फॉल्ट के कारण शहरी क्षेत्र में करीब 18-21 घंटे तो ग्रामीण क्षेत्र में करीब 15 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है। जबकि विभाग का दावा है कि शहरी क्षेत्र में 23.5 घंटे एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 22 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है। मधुबनी जिले को सुपर ग्रिड लौकही से डिमांड के अनुरूप करीब 250 मेगावाट बिजली आपूर्ति की जा रही है। 33 केवी लाइन एवं 11 केवी लाइन का नियमित मेंटिनेंस नहीं होने से बिजली आपूर्ति बाधित होती है। बारिश होने पर लोकल फॉल्ट की समस्या बढ़ी है। ट्रिपिंग, फ्यूज-जंफर उड़ना, इंसुलेटर पंचर होने से घंटों बिजली बाधित हो रही है। लो वोल्टेज व प्रत्येक एक-दो घंटे पर बिजली कटने से लोगों की परेशानी बढ़ी है। हालांकि जिले में बारिश होने की वजह से बिजली की मांग में कमी आई है।

शिकायत निवारण केंद्र में हर दिन आती है 70 से 80 शिकायतें:

मधुबनी शहर के संतु नगर पानी टंकी, तिरहुत कालोनी, कंजर टोली, आदर्श नगर, कोतवाली चौक एस पी आवास, गोवा पोखर दरगाह चौक, मोमिन टोला एरिया में लो वोल्टेज एवं बार बार फ्यूज उड़ने से उपभोक्ता परेशान है। शहर से गांव तक दो दर्जन से अधिक ट्रांसफॉर्मर ओवर लोड है। वैसे करीब एक दर्जन ट्रांसफर को अपग्रेड किया गया है। बिजली विभाग के शिकायत निवारण केंद्र में हर दिन 70 से 80 शिकायतें आती है।

पांच पावर सब स्टेशन का शुरू हुआ निर्माण:

जिले में पांच पावर सब स्टेशन का निर्माण शुरू किया गया है। इसमें मधुबनी शहरी क्षेत्र के महराजगंज में एक, शहर से सटे बिरसायर, बसुआरा, राजनगर के आमादा एवं बिस्फी में नया पावर सब स्टेशन बन रहा है। मधुबनी शहरी पावर सब स्टेशन में 10 एमवीए का चौथा पावर ट्रांसफॉर्मर लगाया गया है। जिसे जल्द चालू किया जाएगा। मधुबनी एवं रराजनगर के करहिया को डबल सर्किट लाइन से जोड़ा गया है। वहीं चकदह एवं रामपट्टी पावर सब स्टेशन को डबल सर्किट लाइन से नहीं जोड़ा गया है। जिससे बराबर 33 केवी लाइन ब्रेक डाउन होता है।

स्मार्ट मीटर तो लगे लेकिन स्मार्ट बिजली नहीं मिल रही

उपभोक्ताओं की शिकायत है कि बिजली विभाग ने उनके घरों एवं दुकानों में स्मार्ट मीटर तो लगा दिया। लेकिन स्मार्ट बिजली नहीं मिल रही है। फ्यूज उउ़ने या लाइन ब्रेक डाउन होने पर उसे ठीक करने में कई बार घंटों लग जाते हैं। चकदह के बिजली उपभोक्ता संतोष कुमार ठाकुर, निरज कुमार, शशिनाथ चौधरी, बी एन झा ने बताया कि 30 दिन में 20 दिन चकदह फीडर का लाइन ब्रेक डाउन होता है। जबकि विभाग बिल स्मार्ट मीटर द्वारा एडवांस में लेती है।

किसानों के खेतों तक पोल न तार पहुंचा

जिले में कृषि एवं अस्पताल के लिए अलग फीडर बनाये गये हैं। सदर अस्पताल के लिए इमरजेंसी फीडर बनाया गया है। जिससे सिर्फ सदर अस्पताल को बिजली आपूर्ति की जाती है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों मे सभी पावर सब स्टेशन में कृषि के लिए अलग फीडर बनाया गया है। वैसे किसानों की शिकायत है कि खेत तक पोल व तार नहीं पहुंचने के कारण उन्हे इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। कृषि कनेशन देने में भी बिजली विभाग काफी सुस्त है। उद्योग के लिए पंडौल बियाडा क्षेत्र में 22 से 23 घंटे बिजली आपूर्ति की जाती है। स्कूलों में डिजिटल क्लास के लिए अलग से बिजली की आपूर्ति नहीं होती है। मोहल्ले के लाइन से ही बिजली दी जाती है।

प्रमुख आंकड़े:

जिले में घोषित शहरी क्षेत्र में 23.5 घंटे एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 22 घंटे बिजली आपूर्ति

वास्तविक बिजली आपूर्ति शहरी क्षेत्र में करीब 21 घंटे एवं ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 15 घंटे

पिछले तीन वर्षों की बिजली मांग :

वर्ष 2024 : डिमांड 200 मेगावाट आपूर्ति की गई 180 मेगावाट

वर्ष 2025: डिमांड 250 मेगावाट आपूर्ति की गई 250 मेगावाट

वर्ष 2026: डिमांड 270 मेगावाट आपूर्ति की गई 270 मेगावाट

जिले में चकदह पावर सब स्टेशन का 33 केवी लाइन ने इस साल ब्रेक डाउन में रिकॉर्ड बनाया

ओवरलोड, खराब और बदले गए ट्रांसफॉर्मरों की संख्या 12

- ट्रांसफॉर्मर बदलने का औसत समय 24 घंटे

- फॉल्ट ठीक करने का औसत समय 5 घंटे

- 33/11 केवी सब-स्टेशनों की स्वीकृत व वास्तविक लोड क्षमता 30 मेगावाट

- निर्माणाधीन सब-स्टेशन, फीडर और हाई-टेंशन लाइन परियोजनाओं की प्रगति : फांउडेशन कार्य पूरा हो चुका है

-बिजली कंपनी को मिली शिकायतें हर दिन: 70 से 80

- औसत समाधान समय : 5 घंटे

- कृषि, उद्योग, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र पर बिजली संकट के आधिकारिक आंकड़े- पिछले तीन वर्षों में 25 हजार नए कनेक्शन दिये गये

बयान:

शहरी क्षेत्र में 23.5 घंटे एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 22 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है। बरसात में ठनका गिरने लोकल फॉल्ट से बिजली आपूर्ति बाधित होती है । जिसे सूचना मिलने पर तुरंत दूर किया जाता है।

-मो. अरमान ,विद्युत कार्यपालक अभियंता , मधुबनी

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सामान्य प्रश्न

मधुबनी जिले में बिजली आपूर्ति की वास्तविक स्थिति क्या है?
वास्तविक बिजली आपूर्ति शहरी क्षेत्र में करीब 21 घंटे एवं ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 15 घंटे है।
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