बस स्टैंड में बिजली, पानी न शाैचालय अंधेरे और अव्यवस्था से यात्री परेशान

Jan 03, 2026 05:23 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, मधुबनी
share Share
Follow Us on

मधुबनी बस स्टैंड पर यात्री सुविधाओं का गंभीर अभाव है। अंधेरे में यात्रियों को सुरक्षित यात्रा करने में कठिनाई होती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़कों पर स्ट्रीट लाइट लगाने और शौचालय एवं पेयजल की व्यवस्था की मांग की है। यदि समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो बड़ी घटनाएं हो सकती हैं।

बस स्टैंड में बिजली, पानी न शाैचालय अंधेरे और अव्यवस्था से यात्री परेशान

मधुबनी । मधुबनी मुख्यालय से महज कुछ कदमों की दूरी पर स्थित बस स्टैंड जिले का एक प्रमुख परिवहन केंद्र है। जिले के विभिन्न प्रखंडों के साथ-साथ अन्य राज्यों के लिए भी बसों का संचालन इसी बस स्टैंड से होता है। सुबह से देर रात तक यहां यात्रियों की भारी भीड़ लगी रहती है। नौकरीपेशा लोग, छात्र, व्यापारी, महिलाएं और बुजुर्ग—सभी अपनी यात्रा के लिए इसी बस स्टैंड पर निर्भर हैं। इसके बावजूद बुनियादी सुविधाओं के अभाव ने इस महत्वपूर्ण बस स्टैंड को समस्याओं का गढ़ बना दिया है। सबसे गंभीर स्थिति शाम ढलते ही उत्पन्न हो जाती है। अंधेरा होते ही पूरा बस स्टैंड और उससे जुड़ा इलाका अंधकार में डूब जाता है।

13 नंबर गुमती से बस स्टैंड तक करीब एक किलोमीटर लंबा मार्ग पूरी तरह अंधेरे में रहता है। इस पूरे रास्ते पर एक भी स्ट्रीट लाइट नहीं है, जिससे रात के समय यहां से गुजरना खतरे से खाली नहीं रहता। यात्रियों में बस पकड़ने और घर लौटने के दौरान भय बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व सक्रिय हो जाते हैं। स्थानीय निवासी राजू कुमार, संजय सिंह, दिलीप कुमार, रूपेश कुमार और संतोष कुमार बताते हैं कि इस इलाके में पहले भी कई बार छिनतई, मारपीट और डराने-धमकाने जैसी घटनाएं हो चुकी हैं। बावजूद इसके, अब तक स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। बीते दिनों बस स्टैंड परिसर में आगजनी की घटनाएं भी हो चुकी हैं, जिससे दुकानों को नुकसान पहुंचा है। मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी : बस स्टैंड परिसर में सुविधाओं की भारी कमी है। यहां न तो शौचालय की व्यवस्था है और न ही शुद्ध पेयजल की। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मजबूरी में लोगों को आसपास के इलाकों में शौच के लिए भटकना पड़ता है, जो स्वच्छता और सुरक्षा दोनों के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है।बस स्टैंड में दिनभर ड्यूटी करने वाले ड्राइवर, कंडक्टर और स्टैंड इंचार्ज भी इन्हीं समस्याओं से जूझ रहे हैं। उनका कहना है कि पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं होने से उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कई बार यात्रियों को भी पानी के लिए इधर-उधर भटकते देखा जाता है। लाइट नहीं होने से शाल ढलते बढ जाती है परेशानी: शाम होते ही हालात और बदतर हो जाते हैं। अंधेरे में बसों का आना-जाना जोखिम भरा हो जाता है। यात्रियों को बसों की पहचान करने में परेशानी होती है और सड़क पर रोशनी नहीं होने से दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि अंधेरे की वजह से उनका कारोबार भी प्रभावित होता है, क्योंकि लोग जल्द से जल्द इस इलाके को छोड़ने की कोशिश करते हैं। स्थानीय नागरिकों और यात्रियों ने कई बार प्रशासन से इस समस्या को लेकर शिकायत की है। लोगों की मांग है कि 13 गुमती से लेकर बस स्टैंड तक पूरे मार्ग में अविलंब स्ट्रीट लाइट लगाई जाए। साथ ही बस स्टैंड परिसर में शौचालय और शुद्ध पेयजल की स्थायी व्यवस्था की जाए। यह मामला सिर्फ यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा से जुड़ा नहीं है, बल्कि जिले की छवि से भी संबंधित है। यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो किसी बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। उल्लेखनीय है कि बीते दिनों बस स्टैंड में दो बार खूनी संघर्ष भी हो चुका है, जिससे यात्रियों में भय का माहौल बना हुआ है। लोगों की मांग है कि यहां की समस्याओं को लेकर अविलंब काम शुरू किया जाए, ताकि यात्रियों सहित स्थानीय लोगों को सहूलियत हो सके। सड़क पर स्ट्रीट लाइट नहीं होने से आवागमन में होती है परेशानी सड़क पर स्ट्रीट लाइट की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को रोजमर्रा के आवागमन में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जैसे ही शाम ढलती है, पूरा इलाका अंधेरे की चपेट में आ जाता है, जिससे सड़क पर चलना खतरे से खाली नहीं रहता। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय इस मार्ग से गुजरना अब जोखिम भरा हो गया है, क्योंकि सामने से आने वाले वाहन या सड़क की स्थिति स्पष्ट दिखाई नहीं देती। विशेष रूप से महिलाएं, बुजुर्ग और छात्र भय के माहौल में यात्रा करने को मजबूर हैं। अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व सक्रिय हो जाते हैं, जिससे छिनतई, चोरी और अन्य आपराधिक घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है। कई बार लोग जरूरी होने के बावजूद इस मार्ग से गुजरने से कतराते हैं, जिससे उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।रोशनी के अभाव में वाहन चालकों को भी भारी परेशानी होती है। गड्ढे, टूटे रास्ते और सड़क किनारे खड़े वाहन हादसों को न्योता देते हैं। आपात स्थिति में एंबुलेंस या अन्य आवश्यक सेवाओं को भी आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ----------------बोले जिम्मेदार------------ 13 नंबर गुमटी से बस स्टैंड तक करीब एक किलोमीटर तक सड़कें अंधेरी रहती है। इससे लोगों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ता है । जल्द ही इस समस्या को दूर किया जाएगा। मार्ग पर स्ट्रीट लाइट जल्दी लगाया जाएगा। अब यहां से बस स्टैंड रामपट्टी शिफ्ट हो रही है। वहां हर तरह की सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। -अरुण राय, मेयर, मधुबनी

Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।

;;;