अनदेखी: बदहाल सड़कें व गंदगी के बीच दम तोड़ रहीं लोगों की उम्मीदें
मधुबनी के बी एन झा मोहल्ले में जलजमाव, सफाई की कमी और नाला निर्माण न होने जैसी समस्याएं हैं। स्थानीय लोग वर्षों से इन समस्याओं का सामना कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

मधुबनी । मधुबनी शहर का बी एन झा मोहल्ला इन दिनों बदहाल बुनियादी सुविधाओं की समस्या से जूझ रहा है। जलजमाव, नियमित सफाई का अभाव, नाला निर्माण नहीं होना और पेयजल संकट जैसी कई गंभीर समस्याएं यहां के लोगों के लिए रोजमर्रा की परेशानी बन चुकी हैं। वर्षों से इन समस्याओं का सामना कर रहे मोहल्ले के करीब पांच सौ परिवार अब खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को शिकायत देने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।मोहल्ले की सबसे बड़ी समस्या जलनिकासी की उचित व्यवस्था का अभाव है।
थोड़ी सी भी बारिश होने पर यहां की सड़कों पर पानी भर जाता है और कच्ची तथा जर्जर सड़कें तालाब में तब्दील हो जाती हैं। ऐसे में लोगों के लिए घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो जाता है। कई जगहों पर पानी कई दिनों तक जमा रहता है, जिससे पूरे इलाके में बदबू फैल जाती है और लोगों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।स्थानीय लोगों के अनुसार मोहल्ले में नाला निर्माण नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़कों पर ही जमा रहता है। वहीं घरों से निकलने वाला गंदा पानी भी सड़क पर फैल जाता है, जिससे हालात और भी खराब हो जाते हैं। टूटी-फूटी सड़कें और खुले नाले दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वालों के लिए खतरा बन गए हैं। कई बार लोग फिसलकर गिर जाते हैं और दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं।मोहल्ले के निवासी छोटू मंडल, पूर्णिमा देवी, विमला देवी और प्रतिमा देवी का कहना है कि वे वर्षों से इन समस्याओं को झेलते आ रहे हैं। चुनाव के समय वार्ड पार्षद मोहल्ले में आए थे और जल्द ही सड़क, नाला और सफाई व्यवस्था सुधारने का भरोसा दिया था। लेकिन चुनाव जीतने के बाद से अब तक पार्षद को मोहल्ले में झांकते तक नहीं देखा गया। लोगों का आरोप है कि चुनावी वादे केवल भाषणों और कागजों तक ही सीमित रह गए हैं।मोहल्ले वासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार वार्ड पार्षद और नगर निगम के अधिकारियों को लिखित और मौखिक रूप से समस्याओं से अवगत कराया, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। कच्ची और जर्जर सड़कों के कारण लोगों को न केवल आवागमन में परेशानी होती है, बल्कि हर समय दुर्घटना का डर भी बना रहता है।जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से बारिश का गंदा पानी कई दिनों तक मोहल्ले की सड़कों पर जमा रहता है। कई बार यह पानी लोगों के घरों के अंदर तक घुस जाता है, जिससे घरेलू सामान खराब हो जाता है और लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। गंदे पानी के कारण मच्छरों का प्रकोप भी तेजी से बढ़ जाता है, जिससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बना रहता है। इसके अलावा पानी जमा रहने से सांप और कीड़े-मकोड़ों का डर भी लोगों के मन में हमेशा बना रहता है, जिससे महिलाएं और बच्चे विशेष रूप से भयभीत रहते हैं।इस बदहाल स्थिति का सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। जलजमाव के कारण कई बार बच्चे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते और कई दिन स्कूल जाने से वंचित रह जाते हैं। अभिभावकों का कहना है कि गंदे पानी और फिसलन भरी सड़कों के बीच बच्चों को स्कूल भेजना खतरे से खाली नहीं है। मजबूरी में कई परिवार बच्चों को घर पर ही रोक लेते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।मोहल्ले में पेयजल की समस्या भी गंभीर बनी हुई है। साफ पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को दूर-दराज के इलाकों से पानी लाना पड़ता है। इस समस्या का सबसे ज्यादा असर महिलाओं पर पड़ रहा है, जिन्हें रोजाना पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।सफाई व्यवस्था की स्थिति भी काफी खराब है। नियमित रूप से कूड़ा उठाव नहीं होने के कारण सड़कों और गलियों में गंदगी पसरी रहती है। इससे पूरे इलाके का वातावरण दूषित हो गया है और लोगों को बदबू के बीच रहने को मजबूर होना पड़ रहा है।बी एन झा मोहल्ले के लोगों में अब वार्ड पार्षद और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर जल्द ही जलजमाव, नाला निर्माण, सड़क मरम्मत और साफ-सफाई की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। मोहल्ले के लोग नगर निगम प्रशासन से जल्द ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि उन्हें इस बदहाली से राहत मिल सके और वे भी बुनियादी सुविधाओं के साथ सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।लोगों कोनहीं मिल रहा नल जल योजना का लाभशहर के बी. एन. झा मोहल्ले में नाला निर्माण कार्य वर्षों से अधर में लटका हुआ है, जिसके चलते स्थानीय लोगों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बरसात शुरू होते ही स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। मोहल्ले की मुख्य सड़कों पर गंदे पानी का जमाव हो जाता है, जिससे लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। स्थानीय निवासी बताते हैं कि जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण मामूली बारिश के बाद भी पानी भर जाता है। यह पानी कई-कई दिनों तक जमा रहता है जिससे सड़कों पर कीचड़ और दुर्गंध फैल जाती है। खासकर सुबह और शाम के समय जब लोग काम पर जाते या लौटते हैं, तो उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। जलजमाव के कारण दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। सड़कों पर गड्ढों का अनुमान नहीं लग पाने से दुर्घटनाएं आम हो गई हैं। कई बार राहगीर फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे उन्हें चोट भी लगती है।स्थानीय निवासी राकेश कुमार बताते हैं, "नाला निर्माण के लिए हम वर्षों से नगर निगम से गुहार लगा रहे हैं। अधिकारियों को लिखित शिकायतें दी गई हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।" वहीं मोहल्ले की महिला अनीता देवी कहती हैं, "बारिश होते ही गंदा पानी घर के दरवाजे तक आ जाता है। बीमारियों का खतरा बढ़ गया है, लेकिन प्रशासन चुप है।शहर के बीएन झा मोहल्ले में सात निश्चय योजना के अंतर्गत संचालित नल-जल योजना पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। गर्मी के इन भीषण दिनों में जब पानी की आवश्यकता सबसे अधिक होती है, तब इस मोहल्ले के लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।स्थानीय निवासियों की मानें तो इलाके में महीनों से नल के माध्यम से जल आपूर्ति पूरी तरह बंद है। स्थिति इतनी गंभीर है कि लोगों को पीने तक का पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। कुछ परिवार मजबूरी में अपने पड़ोसियों से पानी मांगते हैं, लेकिन जब वहां से भी निराशा हाथ लगती है, तो उन्हें महंगे दामों में बाजार से पानी खरीदना पड़ता है।इलाके में बिछाई गई पाइपलाइन जगह-जगह से टूटी और क्षतिग्रस्त पड़ी है। कहीं से पानी रिसता है तो कहीं पाइप पूरी तरह जमीन से बाहर आ चुका है। कई स्थानों पर पाइपों की मरम्मत के नाम पर केवल गड्ढे खोदकर छोड़ दिए गए हैं, जिससे लोगों को आवागमन में भी परेशानी होती है।
बोले जिम्मेदार- नगर निगम शहर के विकास के लिए लगातार काम कर रहा है। नागरिकों की सुविधाएं बेहतर बनाने के उद्देश्य से बीएन झा मोहल्ले में जल्द ही नाला और सड़क निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा। इस कार्य के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब जल्द ही काम शुरू होने की उम्मीद है। बरसात के मौसम में इस इलाके में जलभराव की समस्या सबसे ज्यादा होती है, जिससे लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कत होती है। सड़कें पानी में डूब जाती हैं और राहगीरों को परेशानी होती है। नगर निगम का कहना है कि प्रस्तावित नाला और सड़क के निर्माण से इस समस्या का स्थायी समाधान किया जा सकेगा। इससे पानी की निकासी सुचारू रूप से हो सकेगी और सड़कों पर जलजमाव नहीं होगा।-उमेश कुमार भारती, नगर आयुक्त, मधुबनी
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