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30 नवंबर, 2020|7:54|IST

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मदनेश्वरस्थान मंदिर का तालाब उपेक्षा का शिकार

मदनेश्वरस्थान मंदिर का तालाब उपेक्षा का शिकार

बाबूबरही, अंधराठाढ़ी व फुलपरास प्रखंड की सीमा पर स्थित है मदनेश्वर स्थान शिवालय। यहां के परिसर स्थित तालाब मंदिर स्थापना के समय से ही हर तरह से उपेक्षित है। जबकि भगवान शिव यहां बाबा मदन के रूप में विराजमान है जो आसपास के इलाके से लेकर पड़ोसी मुल्क नेपाल में अपने ऐतिहासिक महत्व को लेकर चर्चित है। तालाब के उपेक्षा का मुख्य कारण शासन व प्रशासन को बताया जा रहा है। इनके स्तर पर इसके संरक्षण को लेकर सिर्फ और सिर्फ आश्वासन ही मिले। लंबे अरसे से चुनाव वाले दिनों में पक्ष—विपक्ष के लोग इसे मुद्दे बनाते रहे हैं और इसे भुनाते रहे हैं। स्थानीय जीबछ झा वो दिन नहीं भूले हैं। जब चुनाव जीतने वाला शख्स आशीर्वाद लेने आया। बाबा से आशीर्वाद लेने से पहले वह तालाब के उद्धार का बीड़ा उठाया। वो इसी तालाब के जल का अर्घ्य उठाकर झूठा आश्वासन दे गया। लेकिन वह जब दुबारा आया। तब विजय होने के फरियाद को लेकर आया। जीबछ झा जैसे दर्जनों लोग शासन व प्रशासन से तालाब की बाउंड्रीवाल की मांग करते हैं।

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  • Web Title:Madaneshwarsthan temple pond victim of neglect