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3 दिसंबर, 2020|6:46|IST

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लोहना मुशहरी अब भी बदहाल

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झंझारपुर प्रखण्ड के लोहना मुशहरी के युवा हो या महिलाएं व बड़े बुढ़े सबों के जुबां पर हर स्तर पर प्रशासनिक विफलता को लेकर आक्रोश के साथ ही अपनी बदहाल जिन्दगी को लेकर पीड़ा भी है। इस बस्ती के बालेश्वर सदाय, खुशी सदाय, जीवछी देवी, पुनिता देवी, रामरती देवी, मुन्नी मल्लिक आदि ने बताया कि सुनते हैं कि जल्द ही झंझारपुर प्रखण्ड ओडीएफ घोषित होने वाला है।

मगर इस बस्ती में तो प्रशासन की ओर से न तो कोई सामुदायिक शौचालय का निर्माण हुआ है न ही एक भी परिवार को शौचालय निर्माण के लिए पैसा ही दिया गया है। पांच छह लोगों ने किसी तरह पैसा का इंतजाम कर शौचालय का निर्माण किया था लेकिन वह भी बाढ़ की तेज धारा में बह गया। उन्हें भी शौचालय का राशि नहीं मिली। आज स्थिति यह है कि बस्ती में एक भी शौचालय नहीं है और पुरुष ही नहीं बहू बेटी को भी लोक लाज त्याग कर खुले में शौच के लिए जाना पड़ रहा है। बाढ़ सहाय्य मद की 6 हजार भी इस बस्ती के 90 फीसदी लोगों को नहीं मिली है।

स्वच्छ पेयजल के लिए एक भी चापाकल बस्ती में सहीं हालत में नहीं है। ये लोग कहते है कि बस्ती के किसी परिवार को आवास तक नहीं मिला है। कोई अधिकारी या कर्मचारी भी देखने तक नहीं आया। कुल मिलाकर अभी भी बद से बदतर जिंदगी जीने को विवश है यहां के लोग।

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  • Web Title:Lohna Mushahari is still in bad shape