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खुदीराम बोस ने बलिदान दे जगायी क्रांति की अलख

ट्राइडेंट सेवा के तत्वावधान में प्रखंड के बरहा गांव में अमर शहीद खुदीराम बोस का पुण्यतिथि मनाया गया। कार्यक्त्रम की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष मनीष झा ने किया। प्रदेश अध्यक्ष विवेकानन्द ठाकुर ने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई में शहीद होने वाला खुदीराम बोस सबसे कम उम्र का क्रांतिकारी था, जिसने स्वतंत्रता संग्राम में केवल 18 वर्ष की आयु में ही अपने देश के लिए अपने प्राण न्योछाबर कर देशवासियों के दिलों में देशभक्ति व राष्ट्रप्रेम की अलख जगा दी।

देश की आजादी की लड़ाई में कुछ नौजवानों का बलिदान इतना उद्वेलित करने वाला था कि उसने पूरे देश में स्वतंत्रता संग्राम का रुख बदलकर रख दिया। इनमें एक नाम खुदीराम बोस का है, जिन्हें 11 अगस्त 1908 को फांसी दे दी गई। उस समय उनकी उम्र महज 18 साल कुछ महीने थी। अंग्रेज सरकार उनकी निडरता और वीरता से इस कदर आतंकित थी कि उनकी कम उम्र के बावजूद उन्हें फांसी की सजा सुनाई गयी। यह बालक हाथ में गीता लेकर ख़ुशी-ख़ुशी फांसी चढ़ गया। मौके पर गुलाब साह, अजित ठाकुर,नरेश मंडल, विकास झा,गौरव झा, रंजीत झा,राहुल साह सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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  • Web Title:Khudiram Bose sacrificed awakened revolution