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24 अक्तूबर, 2020|12:34|IST

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भारत-नेपाल का संबंध दुनिया के सामने दोस्ती का अनुपम उदाहरण

भारत-नेपाल का संबंध दुनिया के सामने दोस्ती का अनुपम उदाहरण

भारत-नेपाल की दोस्ती दुनिया के सामने एक अनुपम उदाहरण है। जानकी जी इसकी केन्द्र-बिंदु हैं। साहित्य और संस्कृति के आपसी समन्वय से यह दोस्ती और भी मजबूत होगी। ये बातें समारोह को संबोधित करते हुए डीएम शीर्षत कपिल अशोक ने कहीं। डीएम ने कलाकारों और साहित्यकारों से आह्वान किया कि राजनीतिक कारणों से सम्बंध की बुनियाद कमजोर नहीं होने दें। स्थानीय वाटिका होटल का सभागार कल 27 मार्च को अपराह्न एक बजे से संध्या 6 बजे तक गीत-संगीत, नृत्य एवं कविताओं से गूंजती रही।

मैथिली भाषा के लिए भारत-नेपाल के बीच सेतु का कार्य करनेवाले महान संस्कृतिविद् चतुर्भुज आशावादी की स्मृति में कवि गोष्ठी, नेपाली सिनेमा ‘कैली मैना तथा मैथिली में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। समारोह का उद्घाटन डीएम शीर्षत कपिल अशोक ने किया। भारत विकास परिषद् के अध्यक्ष सुखदेव राउत ने इस तरह के आयोजन लगातार होने की जरूरत बताई। विराट नगर से आये मैथिली अभियानी प्रवीण नारायण चौधरी ने दोनों ही तरफ मिथिला राज्य की मांग की। फ़िल्म अभिनेता नवीन चौधरी ने साझी संस्कृति पर रोशनी दी।

इस अवसर पर हुए कवि सम्मेलन में रामेश्वर निशांत, सतीश साजन, मोहन यादव, उदय जायसवाल, दिलीप कुमार झा, कृष्ण कांत मंडल, प्रणव नार्मदेय, रामबाबू सिंह, मैथिल प्रशांत, दयाशंकर मिथिलांचली, बंशीधर मिश्र, मुन्नी मधु, गुफरान जिलानी, सुमित कुमार गुंजन, गोपाल अभिषेक, विनय विश्वबंधु, सुभाष सिनेही, अबधेश झा, गोपीकांत झा रमण, आदि ने अपनी कविताएं पढ़ीं। पूरे कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन नवारम्भ के निदेशक एवं कवि अजित आज़ाद ने किया। भारत-नेपाल सांस्कृतिक आदान-प्रदान के इस कार्यक्रम में हेमचंद्र झा, शैलेश झा आदि मौजूद थे।

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  • Web Title:India-Nepal relations unique in front of the world