ठठरी ब्रह्मस्थान में कलश यात्रा के साथ नवाह संकीर्तन शुरू
बुधवार को ठठरी गांव में भव्य कलश यात्रा के साथ नवाह संकीर्तन की शुरुआत हुई। श्रद्धालुओं ने पवित्र सुगर्रवे नदी से जल भरकर कलश स्थापित किया। महिलाएं पारंपरिक परिधान में शामिल हुईं, जबकि पुरुष श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों के साथ भक्ति में लीन रहे। यह कार्यक्रम नौ दिनों तक चलेगा, जिसमें भजन-कीर्तन और विशेष पूजा होगी।

अंधराठाढ़ी, निज संवाददाता। प्रखंड के ठठरी गांव स्थित ब्रह्मस्थान में बुधवार को भव्य कलश यात्रा के बाद नवाह संकीर्तन का शुभारंभ हुआ। पवित्र सुगर्रवे नदी के त्रिवेणी घाट से जल भरकर श्रद्धालुओं ने पूरे विधि-विधान के साथ कलश स्थापना की। इसके बाद गांव और आसपास का इलाका आस्था और भक्ति के रंग में रंग गया। सुबह से ही गांव में धार्मिक उत्साह चरम पर रहा। बड़ी संख्या में महिलाएं पारंपरिक परिधान में सिर पर कलश लेकर भक्ति गीतों के बीच शोभायात्रा में शामिल हुईं, जबकि पुरुष श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों और जयकारों के साथ पूरे माहौल को भक्तिमय बनाते रहे। कलश यात्रा गांव के विभिन्न मार्गों से होते हुए ब्रह्मस्थान पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की गई।आयोजकों
के अनुसार, यह नवाह संकीर्तन नौ दिनों तक लगातार चलेगा, जिसमें प्रतिदिन भजन-कीर्तन, कथा-प्रवचन और विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाएगा। साथ ही श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण की भी व्यवस्था की गई है।ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह के धार्मिक आयोजनों से न केवल आस्था मजबूत होती है, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे को भी बढ़ावा मिलता है। कार्यक्रम को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और दूर-दराज के गांवों से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
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