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20 जनवरी, 2020|5:27|IST

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पचास प्रधानाध्यापकों पर होगी एफआईआर

विद्यालय भवन की राशि अपने खाते में रखना प्रधानाध्यापकों को महंगा साबित होगा। विभाग ने ऐसे 50 विद्यालयों की निशानदेही कर इनके प्रधानाध्यापकों पर प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी कर ली है।

बार-बार चेतावनी के बाद भी इन प्रधानाध्यापकों ने न तो राशि की वापसी की है और न ही भवन का निमार्ण पूरा किया है। भवन की राशि के इस कथित गबन को लेकर अंकेक्षण विभाग द्वारा आपत्ति दर्ज किया गया था। राशि की वापसी या फिर भवन के निमार्ण कार्यों को पूरा कराने का निर्देश विभाग को दिया गया। लगभग 172 करोड़ की राशि को लेकर अंकेक्षण में सवाल उठाये गये थे। विभागीय पहल के बाद 170 करोड़ रूपये का सामंजन कर लिया गया या फिर भवन का निमार्ण कार्य पूरा कर लिया गया। लेकिन 110 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों ने अबतक तमाम निर्देश का उल्लंघन करता रहा है।

वरीय शिक्षा अधिकारियों ने अपने उपर कार्रवाई की लटकती तलवार से बचने के लिए ऐसे 60 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों पर प्राथमिकी दर्ज कराया है। निर्देश की अनदेखी करने वाले ऐसे 50 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों पर प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश विभाग के द्वारा संबंधित प्रखंड़ शिक्षा पदाधिकारी को दिया गया है।

हालांकि प्राथमिकी दर्ज करने के मामले में बीईओ के स्तर पर लगातार उदासीनता बरतने की शिकायत भी मिलती रही है। मालूम हो कि नियम की अनदेखी करने वाले अधिकतर विद्यालय बाबूबरही, झंझारपुर, मधवापुर , बासोपट्टी और बेनीपट्टी प्रखंड़ के है। डीपीओ प्राथमिक शिक्षा और सर्व शिक्षा अभियान राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि राशि रखने वाले विद्यालय के प्रधानाध्यापकों को लगातार चेतावनी दी जाती रही है। अंकेक्षकों के रिपोर्ट के बाद वरीय अधिकारियों के लगातार मिल रहे निर्देश के आलोक में इन सभी प्रधानाध्यापकों को राशि सामंजन करने का आदेश दिया जाता रहा है। जिसकी अनदेखी करने के कारण प्राथमिकी दर्ज करने का निर्णय लिया गया है।