कस्तूरबा छात्रावासों में फर्जी उपस्थिति और खर्च पर प्रशासन की सख्ती
मधुबनी में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में वित्तीय अनियमितताएँ सामने आई हैं। छात्रावासों में फर्जी उपस्थिति और अधिक नामांकन के जरिए अतिरिक्त धन निकासी की आशंका जताई गई है। विभाग ने बायोमेट्रिक उपस्थिति की अनदेखी की है और अनियमितताओं पर गंभीरता से कार्रवाई करने की बात कही है।

मधुबनी,निज संवाददाता। जिले में संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों के छात्रावासों में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कई छात्रावासों में नामांकन और उपस्थिति से जुड़ी गंभीर गड़बड़ियां सामने आई हैं। कई जगहों पर फर्जी तरीके से करीब 50 प्रतिशत अधिक छात्राओं की उपस्थिति दर्ज की जा रही है, जबकि वास्तविक संख्या इससे काफी कम बताई जा रही है। अधिक नामांकन और उपस्थिति दिखाकर भोजन, स्टेशनरी, वस्त्र तथा अन्य दैनिक जरूरतों के नाम पर अतिरिक्त राशि की निकासी की आशंका जताई जा रही है। कुछ छात्रावासों में संसाधन और वेतन मद में लाखों रुपये खर्च दिखाए गए हैं, जबकि वहां रहने वाली छात्राओं की संख्या महज दस से बारह होती है।
इस स्थिति ने पूरे जिले में संचालित छात्रावासों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।विभागीय आदेश की हो रही अनेदखीविभाग ने सभी छात्राओं की दो बार उपस्थिति बायोमेट्रिक तरीके से करने का आदेश दिया है, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। सबसे खास बात तो यह है कि हर स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति को लेकर टैब का सिस्टम लागू किया गया है, वहीं इन कस्तूरबा विद्यालय में ऑनलाइन हाजिरी का धत्ता बताया जा रहा है। बिना छात्राओं के नामांकन के ही हो रहे खर्चविशेष रूप से प्लस टू स्तर के कस्तूरबा छात्रावासों की स्थिति और अधिक गंभीर बताई जा रही है। मिथिला मूवमेंट करप्सन के अध्यक्ष सत्येन्द्र नारायण पासवान ने इस संबंध में ज्ञापन दिया है। जिसमें बताया गया है कि कई स्थानों पर छात्राएं है ही नहीं, बावजूद कागजों पर खर्च का आंकड़ा काफी अधिक दर्शाया गया है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की अनियमितता छात्राओं की सुविधा और शिक्षा की गुणवत्ता दोनों पर असर डालती है, इसलिए मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। जिले के 21 प्रखंडों में कुल 28 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय संचालित या प्रस्तावित हैं। इनमें अंधराठाढ़ी, बाबूबरही, बासोपट्टी, बेनीपट्टी, बिस्फी, घोघरडीहा, हरलाखी, जयनगर, झंझारपुर, कलुआही, खजौली, खुटौना, लदनियां, लखनौर, लौकही, मधेपुर, मधवापुर, पंडौल, फुलपरास, रहिका और राजनगर में ये विद्यालय संचालित है। इसमें कक्षा छह से आठ छात्रावासों की संख्या 16 है। कक्षा छह से बारहवीं तक के लिए छह और कक्षा नौ से बारहवीं तक के लिए छह छात्रावास संचालित है। विद्यालयों में उपलब्ध करायी जाती है सुविधाएंइन विद्यालयों के लिए भोजन सामग्री, लेखन सामग्री, दैनिक उपयोग की वस्तुएं, पोशाक और गणवेश, फर्नीचर तथा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की आपूर्ति के लिए राशि खर्च की जा रही है। डीईओ अक्षय कुमार पांडेय ने बताया कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों का उद्देश्य दूरदराज और कमजोर वर्ग की बालिकाओं को बेहतर शिक्षा और सुरक्षित आवासीय सुविधा देना है, इसलिए किसी भी स्तर पर अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी हर छात्रावास में छात्राओं के दाखिला व ठहराव को लेकर लगातार निर्देश दिये गये हैं। गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
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