संस्कृत स्कूलों में शिक्षकों के नियोजन को लेकर विवाद
मधुबनी में संस्कृत स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर विवाद बढ़ रहा है। एचएम से मिली रिपोर्ट के आधार पर बनाया गया रोस्टर डीएम से अनुमोदित हो चुका है, लेकिन यह गोपनीय है। बिहार संस्कृत शिक्षा...

मधुबनी, निज संवाददाता। जिले में संस्कृत स्कूलों में शिक्षकों के नियोजन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। स्कूलों में रिक्ति को लेकर एचएम से ली गई रिपोर्ट के आधार पर रोस्टर बनाया गया है। उस रोस्टर को डीएम से अनुमोदन करते हुए बोर्ड से भी स्वीकृति दे दी गयी है। इसके बाद भी यह रोस्टर गोपनीय बना हुआ है। इधर, शिकायत के बाद बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड ने भी रोस्टर की खोजबीन शुरू कर दी है। सभी एचएम से रोस्टर एवं अन्य सम्बंधित अभिलेख की मांग की है। इन सभी संस्कृत स्कूलों के हेडमास्टरों का कहना है कि रोस्टर जिला शिक्षा पदाधिकारी के द्वारा रोस्टर डीएम से अनुमोदन प्राप्त कर बोर्ड को 2022 में भेजा जा चुका है। बिहार संस्कृत बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक सह सदस्य समीक्षा कमेटी उपेंद्र कुमार ने 15 अक्टूबर को सभी प्रस्वीकृत (अनुदानित) संस्कृत विद्यालय के प्रधानाध्यापक व प्रभारी प्रधानाध्यापक को पत्र लिखकर कहा है कि रोस्टर एवं अन्य बिंदुओं की समीक्षा के लिए बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड द्वारा तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। समिति की ओर से लिए गए निर्णय के अनुरूप संस्कृत विद्यालय में प्रति विद्यालय स्वीकृत इकाई के आलोक में रोस्टर पंजी की अभिप्रमाणित प्रति उपलब्ध करवाने का आदेश दिया था।
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