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25 अक्तूबर, 2020|2:05|IST

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मातृभाषा के माध्यम से पठन- पाठन पर चर्चा

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मैथिली साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समिति,मधुबनी के सदस्यों का महत्वपूर्ण बैठक स्थानीय प्राथमिक शिक्षक संघ भवन में समिति के अध्यक्ष प्रो. प्रीतम कुमार निषाद की अध्यक्षता में हुई। बैठक में ह्यनयी शिक्षा नीति में मातृभाषा के माध्यम से पठन- पाठन पर गहन चर्चा और विचार विमर्श किया गया। अध्यक्षता करते हुए श्री निषाद ने कहा मिथिला के लोग लम्बे समय से प्राथमिक शिक्षा मैथिली माध्यम से देने की मांग करते आ रहे हैं। अब समय आ गया है हमें साकांक्ष होकर अपने बच्चों के लिए यह अधिकार प्राप्त करना है। साहित्यकार दिलीप कुमार झा ने कहा कि भाषा हमारी सांस्कृतिक पहचान है। इसे हर हालमें बचाना है। मातृभाषा में बच्चों को शिक्षा प्राप्त करना उनका मोलिक अधिकार है। इसलिए नयी शिक्षा नीति में इसे प्रमुखता से शामिल किया गया है। हमें साकांक्ष रहने की जरुरत है। सचिव प्रजापति ठाकुर ने कहा कि मैथिली साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समिति अपने गठन के समय से ही प्राथमिक शिक्षा मैथिली माध्यम से दिये जाने की मांग करता रहा है। जबतक यह मांग पूरा नहीं होगा संघर्ष चलता रहेगा। उदय जायसवाल ने कहा कि मैथिली जो हमारी मातृभाषा है उसकी रक्षा करना हमारा दायित्व है। वे हम प्राथमिक शिक्षा में शामिल करके ही कर सकते हैं। बैठक में समिति का मुखपत्र अरुणिमाह का प्रकाशन तथा उपाध्यक्ष रेवती रमण झा द्वारा लिखित पुस्तक ह्यमैनाह्ण का शीघ्र लोकार्पण का निर्णय लिया गया। बैठक में डा.हेमचन्द्र झा, रेवतीरमण झा, कृष्णकान्त मंडल, परीक्षण पासवान, मनोज महतो, जीबछ ठाकुर, डॉ.रानी झा, प्रभाष कुमार दमन, देवकान्त कामति आदि ने भाग लिया।

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  • Web Title:Discussion on reading through mother tongue