राजनगर-मधुबनी बाइपास सड़क जर्जर, लाइट नहीं होने से खतरा
मधुबनी के राजनगर से जुड़ने वाली बाईपास सड़क की स्थिति बेहद खराब है। गड्ढों और जलजमाव के कारण वाहन चालकों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। विशेषकर बारिश के दिनों में बच्चों और बुजुर्गों को भारी परेशानी होती है।
मधुबनी । राजनगर से मधुबनी को जोड़ने वाली बाईपास सड़क की स्थिति बदहाल है। दिनोंदिन वाहन चालकों के लिए यह सड़क खतरनाक होता जा रहा है। वर्षों से मरम्मत के अभाव में यह महत्वपूर्ण सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुका है। इन दिनों कुहासा के कारण चालकों को सड़क पर गड्ढे नहीं दिखते, इस कारण घटनाएं होती रहती है। बारिश का मौसम शुरू होते ही सड़क की हालत और भी खराब हो जाती है, जिससे रोजाना इस रास्ते से गुजरने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बाईपास सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं।
हल्की बारिश में ही सड़क पर जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जिससे वाहन चालकों को अंदाजा तक नहीं लग पाता कि गड्ढा कितना गहरा है। कई बार वाहन गड्ढों में फंस जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि इस सड़क पर दोपहिया वाहन चालक सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, क्योंकि गड्ढों के कारण गिरने की घटनाएं बढ गई हैं। इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों लोग मधुबनी मुख्यालय की ओर आवागमन करते हैं। इनमें स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राएं, कार्यालय जाने वाले कर्मचारी, महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे-बड़े वाहन चालक शामिल हैं। खासकर बारिश के दिनों में स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई अभिभावकों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति को देखते हुए वे बच्चों को अकेले भेजने से डरते हैं।दिन के समय तो लोग किसी तरह सावधानी बरतते हुए इस मार्ग से गुजर जाते हैं, लेकिन रात के अंधेरे में इस सड़क से गुजरना जोखिम भरा हो जाता है। स्ट्रीट लाइट नहीं होने से परेशानी: सड़क पर पर्याप्त स्ट्रीट लाइट नहीं होने के कारण दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ गया है। कई वाहन चालक तो रात के समय इस मार्ग से गुजरने से कतराते हैं और लंबा रास्ता अपनाने को मजबूर हो जाते हैं। राजनगर और बाबूबरही क्षेत्र के लोगों के लिए यह बाईपास सड़क मधुबनी मुख्यालय पहुंचने का सबसे नजदीकी और सुविधाजनक मार्ग माना जाता है। यदि सड़क की स्थिति ठीक हो तो कम समय में लोग जिला मुख्यालय तक पहुंच सकते हैं। लेकिन मौजूदा हालात में खराब सड़क के कारण लोगों को अधिक समय लग रहा है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि सड़क की बदहाली का असर व्यापार पर भी पड़ रहा है, क्योंकि माल लाने-लेजाने में परेशानी होती है। समय समय पर सड़क की मरम्मत नहीं होने की वजह से सड़क बदहाल स्थिति में पड़ी हुई है। लोगों का कहना है कि इस बाईपास सड़क का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए। केवल मरम्मत से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि सड़क का पूर्ण रूप से पुनर्निर्माण किया जाना चाहिए। लंबे समय तक गंदा पानी जमा रहने से संक्रमण की आशंका बारिश के मौसम में सड़क पर जलजमाव से लोगों को अधिक परेशानी होती है। इस गंदे पानी में मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ता है, जिससे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा लगातार बना रहता है। लोग अपने घरों से बाहर निकलने में डरते हैं, क्योंकि सड़कों पर फैला कीचड़ और गंदगी परेशानी का सबब बन जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस स्थिति में सबसे ज्यादा परेशानी छोटे बच्चों और बुजुर्गों को होती है। बच्चे स्कूल जाने के लिए जब बाहर निकलते हैं तो रास्ते में भरे गंदे पानी में कई बार फिसलकर गिर जाते हैं। बारिश का मौसम आते ही इलाके की बदहाल सड़कों पर जलजमाव एक गंभीर समस्या का रूप ले लेता है। हल्की से मध्यम बारिश में ही सड़कों पर बने गड्ढे में गंदा पानी भर जाता है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है। सड़कों पर जमा यह गंदा पानी मच्छर पनपने का मुख्य कारण होता है, इलाके के लोगों को बढ़ते मच्छरों का प्रकोप गंदे पानी से डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बना रहता है। मोहल्लेवासियों का कहना है कि हर साल इस मौसम में कई लोग बुखार और संक्रामक रोगों की चपेट में आ जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की जाती। सड़कों पर फैली गंदगी और गढ़े के चलते दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि स्कूल जाने वाले बच्चे जब सुबह घर से निकलते हैं तो रास्ते में भरे गंदे पानी से होकर गुजरना मजबूरी बन जाता है। बुजुर्गों के लिए यह स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, ऐसे सड़कों पर चलना उनके लिए जोखिम भरा साबित होता है। सड़कों की मरम्मत नहीं किए जाने के कारण हर साल यही स्थिति उत्पन्न होती है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि बारिश से पहले जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त की जाए और जर्जर सड़कों की मरम्मत कर स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि लोगों को इस गंभीर समस्या से राहत मिल सके।
बोले जिम्मेदार-राजनगर गुमती से मधुबनी आने वाली बाईपास सड़क की जर्जर स्थिति के संबंध में ग्रामीण कार्य मंत्री से जानकारी दी गई है। जल्द ही सड़क निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। सड़क निर्माण होने से इलाके लोगों से लेकर इस मार्ग से आवागमन करने वाले राहगीरों को भी समस्या से निजात मिल सकेगी। सभी कार्य नियत समय पर करा लिया जाएगा। -सुजीत कुमार पासवान, विधायक ,राजनगर

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