मौसम: घने कोहरे ने लगाई वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक, राहगीर बेहाल
मधुबनी में पहली बार कोहरे, धुंध और शीतलहर ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मंगलवार की सुबह घने कोहरे के कारण वाहन धीमी गति से चल रहे थे। ठंड ने बच्चों और बुजुर्गों के लिए मुश्किलें पैदा कर दी हैं। किसानों के काम पर भी असर पड़ा है। पशुपालकों को भी ठंड से अपने पशुओं की सुरक्षा के लिए उपाय करने की सलाह दी गई है।
मधुबनी। जिले में पहली बार कोहरा, धुंध व शीतलहर ने आम से लेकर खासतक की परेशानी बढ़ा कर रख दी है। अचानक से मंगलवार की सुबह घना कोहरा और धुंध ने वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। मिनटों को सफर घंटों में तय हो रहा था। सुबह 9 बजे तक कोहरे की चादर में शहर से लेकर गांव का कोना लिपटा रहा। एनएच और एसएच पर वाहनों की रफ्तार काफी धीमी हो गई। सुबह चार बजे से ही घने कोहरे ने पूरे वातावरण को अपने आगोश में ले लिया। फॉग लाइट जलाकर वाहन रेंगते नजर आए। शीतलहर जैसी चलने की वजह से ठंड के साथ-साथ कनकनी भी बढ़ गई।

वहीं सिहकती पूरबा ठंड को बढ़ाने में आग में घी डालने का काम कर रही थी। खासकर बच्चों और बुर्जुगों के लिए ठंड बढ़ने की वजह से परेशानी बढ़ गई है। अगर इसी तरह धुंध व शीतलहर जारी रहा तो लोगों की और परेशानी बढ़ेगी। इस ठंड की वजह से किसानों के कामकाज में भी खलल पड़ी। हालांकि दिन में धूप खिलने की वजह से कुछ ठंड से राहत मिली, मगर शाम पांच बजे से ही फिर से ठंड लोगों में सिहरन पैदा करती रही। पांच से दस फीट दिखना मुश्किल हुआ: एनएच और एसएच पर विजीविलिटी करीब-करीब शून्य हो गई। 5 से 10 फुट आगे भी दिखना मुश्किल हो रहा था। सुबह करीब नौ बजे तक यहीं हालात दिखे। घने कोहरे की वजह से एनएच 27 पर कई वाहनें आपस में टकरा जाने की सूचना मिली है। ग्रामीण इलाके भी हाथो-हाथ सुबह में नहीं सूझ रहा था। कोहरे ने बढ़ाई पशुपालकों की परेशानी: जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि ठंडी हवाओं के सीधे संपर्क से बचने के लिए रात के दौरान सभी पशु आवास को सभी दिशाओं से ढकें। ठंड के दिनों में छोटे पशुओं को ढक कर रखें। दुधारू पशु एवं कुक्कुट को ठंड से बचाने के लिए अन्दर रखें। पशुओं के आहार एवं खान-पान में वृद्धि करें। वसा की खुराक प्रदान करें, आहार सेवन व उनके चबाने के व्यवहार का ध्यान रखें। जलवायु-अनुरूप शेड का निर्माण करें जो सर्दियों में अधिकतम सूरज की रोशनी और गर्मियों में कम विकिरण की अनुमति देते हैं। इन स्थितियों के लिए विशेष रूप से उपयुक्त पशु नस्लों का चयन करें। सर्दियों के दौरान जानवरों के बैठने के लिए सूखे भूसा रखें।

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