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सीएचसी बिस्फी में मरीजों का नहीं होता प्लास्टर, कर दिया जाता रेफर

सीएचसी बिस्फी में मरीजों का नहीं होता प्लास्टर, कर दिया जाता रेफर

संक्षेप:

बिस्फी प्रखंड का एकमात्र सीएचसी अस्पताल भगवान भरोसे है। यहां स्वास्थ्य सेवाएं अत्यंत खराब हैं। ओपीडी का मुख्य गेट क्षतिग्रस्त है, और एनसीडी कक्ष में बिजली नहीं है। मरीजों को सही उपचार नहीं मिल रहा है, जैसे प्लास्टर और दवाइयां। स्वास्थ्य प्रबंधक का पद तीन साल से रिक्त है।

Dec 05, 2025 10:09 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, मधुबनी
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बिस्फी,निज प्रतिनिधि। प्रखंड का एक मात्र सीएचसी अस्पताल भगवान भरोसे चल रहा है। पांच लाख की आबादी वाले प्रखंड की सीएचसी की स्थिति काफी दयनीय है। ओपीडी परिसर खुला है। मुख्य गेट क्षतिग्रस्त है। इसका शीशा छह महीने पहले टूटा था। जिसे अबतक मरम्मत नहीं किया गया है। ओपीडी का पीछे वाला दूसरा गेट भी टूटा हुआ। एनसीडी कक्ष में बिजली नहीं है। अंधेरा होने पर काम को बंद करना पड़ता है। सीएचसी में स्वास्थ्य प्रबंधक का पद तीन साल से रिक्त है। रहिका के स्वास्थ्य प्रबंधक राजेश रंजन सप्ताह में मंगलवार,गुरूवार एवं शनिवार को आते हैं। स्थायी स्वास्थ्य प्रबंधक नहीं रहने के कारण मरीजों सुविधाएं नहीं मिल रही है। सीएचसी में स्वास्थ्य सुविधाओं के हालात इतने खराब है कि हाथ,पैर या शरीर का कोई अंग टूटने पर उसका प्लास्टर तक नहीं हो पाता है। केवल एक्स-रे करा कर मरीज को रेफर कर दिया जाता है।

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शुक्रवार को औंसी बभनगामा की एक बुजुर्ग महिला शिलादेवी इलाज के लिए सीएचसी बिस्फी आयी। गिरने से उसका पैर क्रैक हो गया था। एक्स-रे कराने के बाद प्लास्टर नहीं हो पाया। बिस्फी के एक बुजुर्ग हरिनंदन यादव ने बताया कि मोबाइल नहीं रहने के कारण उसका रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया। हिन्दुस्तान पड़ताल के दौरान यह जानकारी मिली कि लीवर की बीमारी से संबंधित किसी प्रकार की दवा मरीजों को नहीं मिल पाती है। मरीज बिना दवा लिये ही घर लौट जाते हैं। सीएचसी बिस्फी में दांत रोगियों की इलाज का कोई व्यवस्था नहीं है। वैसे एक दंत चिकित्सक के रूप में डा शेष नारायण प्रतिनियुक्त हैं। अस्पताल में दांत उखाड़ने के लिए चेयर और कोई उपकरण उपलब्ध नहीं है। मरीजों को दर्द की गोली देकर यहां से भेज दिया जाता है। इमेरजेंसी रूम एवं लेवर रूम की हालत भी दयनीय है। वारिश होने पर भवन चूने लगता है। महिला चिकित्सक नहीं रहने से एएनएम के द्वारा ही प्रसव कराया जाता है।

बयान:

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सभी समस्याओं से विभाग और वरीय अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।

डॉ. अब्दुल वासित, चिकित्सा प्रभारी, बिस्फी।