
अधिकांश विद्यालयों में लागू नहीं हो रहा मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा प्रबंधन कार्यक्रम
मधुबनी जिले में मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा प्रबंधन कार्यक्रम (सुरक्षित शनिवार) सही तरीके से लागू नहीं हो रहा है। शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों में आपदा प्रबंधन समितियों का गठन और मॉक ड्रिल्स कराने का निर्देश दिया है। अधिकांश विद्यालयों में जोखिम की पहचान नहीं हो रही है, जिससे बच्चों की सुरक्षा पर खतरा है।
मधुबनी,एक संवाददाता। मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा प्रबंधन कार्यक्रम (सुरक्षित शनिवार) जिला के विभिन्न स्कूलों में पहली कक्षा से 12वीं कक्षा तक ठीक ढंग से लागू नहीं हो रहा है। शिक्षा विभाग बिहार सरकार ने जिला के सभी विद्यालयों में इसे प्रभावी ढंग से चलाने,आपदा प्रबंधन समितियों का गठन एवं आपदा प्रबंधन योजना निर्माण और नियमित मॉक (पूर्वाभ्यास) ड्रिल करने का निर्देश दिया है। साथ ही साथ स्कूल में बच्चों को बिना बैग के स्कूल जाने का निर्देश दिया गया है। जिला के अधिकांश स्कूलों में यह गतिविधि और जोखिम की पहचान का काम नहीं हो रहा है। जब कि यह बच्चों को आपदाओं से निपटने के लिए तैयार करने के लिए बहुत जरूरी है।
शिवगंगा उच्च विद्यालय की छात्रा साक्षी कुमारी, कुमकुम कुमारी, सृष्टि प्रिया, हरी प्रिया एवं संध्या कुमारी ने बताया कि विद्यालयों में जोखिमों की पहचान की जानकारी नहीं दी जा रही है। इससे बच्चों को आपदा जोखिम प्रबंधन कार्यक्रम की जानकारी नहीं मिल पा रही है। शंभूआर हाई स्कूल के छात्रा मोहम्मद अजमत,रोशन यादव,सतीश कुमार, खुशी कुमारी,पूजा कुमारी,अंशु कुमारी ने बताया कि जिले के अधिकांश विद्यालयों में विद्यालय आपदा प्रबंधन समिति का गठन नहीं हुआ है। शिक्षा विभाग बिहार सरकार की ओर से समिति का गठन एवं योजना निर्माण सुनिश्चित करने का निर्देश विद्यालय प्रबंधन को दिया गया है। जोखिमों और खतरों की खोज प्रकिया के जरिए जोखिमों और सुरक्षित क्षेत्रों की पहचान अब तक स्कूलों में नहीं की गई है। सर्व शिक्षा अभियान के डीपीओ शुभम कसौधन ने कहा कि जिला के सभी विद्यालयों में मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा प्रबंध कार्यक्रम के अंतर्गत सुरक्षित शनिवार को विद्यालय में आपदाओं से होने वाली क्षति को कम करने के लिए न्यूनीकरण योजना को धरातल पर चलाया जा रहा है। आपदा प्रबंधन विषय के कुशल शिक्षकों एवं प्रशिक्षकों के माध्यम से स्कूल में बच्चों को आपदा रक्षा अभ्यास मॉक ड्रिल कराए जा रहे हैं। अधिकांश विद्यालयों में नहीं लगा है अग्निशमन यंत्र अधिकांश विद्यालयों में अग्निशमन यंत्र नहीं लगाया हुआ है जिससे विद्यालय में अगलगी की स्थिति में बच्चों की सुरक्षा पर प्रश्न चिह्न लग गया है। स्कूल में आपदा प्रबंधन विषय में कुशल शिक्षकों अथवा प्रशिक्षकों के माध्यम से बच्चों को भूकंप, बाढ़, आगलगी,वज्रपात, नदी या तालाब में डूबने सड़क दुर्घटना और साफ सफाई के बारे में जागरुक कर जानकारियां देना अनिवार्य है। मधुबनी जिला एक संवेदनशील जिला है एवं भूकंप के जोन संख्या 6 में आता है जो अति संवेदनशील है। बच्चों को विद्यालय मेंआपदा रक्षा अभ्यास नहीं कराया जाता है। बच्चों में भूकंप प्रभावित क्षेत्र में भूकंपशरोधी मकान का निर्माण कराने के लिए शिक्षकों के द्वारा जागरूक नहीं किया जा रहा है। सुरक्षित शनिवार कार्यक्रम विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम का एक हिस्सा है जिसका उद्देश्य बच्चों को खेल खेल में आपदा जोखिम उन्मुखीकरण के लिए तैयार करना है। जिले के स्कूलों में सुरक्षित शनिवार एक मजेदार और सीखने का दिन है जहां बच्चे किताबों के बोझ के बिना आते हैं और जीवन कौशल सीखने हैं।

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