तीन वर्ष बाद भी नहीं लगी स्ट्रीट लाइट नाला व शाैचालय की कमी से फजीहत
बेनीपट्टी नगर पंचायत के मुख्य बाजार में 15 वर्ष से अधूरे पड़े नाले के निर्माण ने लोगों की समस्याओं को बढ़ा दिया है। बरसात में जलजमाव और बदबू से लोग परेशान हैं। प्रशासन ने नाला निर्माण की योजना बनाई है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
मधुबनी । नगर पंचायत का मुख्य बाजार बेनीपट्टी 22 वार्डों में बटा है। इसके बाजार का फैलाव करीब पांच किलोमीटर में है। करीब 15 वर्ष पूर्व पथ निर्माण विभाग के द्वारा सड़क के एक किनारे से पक्का नाला का अधूरा निर्माण संसारि पोखरा से शुरू किया गया था। नाला निर्माण में सड़क अतक्रिमणकारियों द्वारा बाधा पहुंचाने से नाला का निर्माण कार्य अधूरा छोड़कर संवेदक अपना बोरिया-बिस्तर बांध लिया। तब से यह नाला बाजार वालों के लिए परेशानी का कारण बनकर हर बरसात में समस्याएं उत्पन्न करती आ रही है। बाजार में नाला नहीं रहने से जलनिकासी एक बड़ी समस्याएं बनकर लोगों के सामने खड़ी है।
नाला निर्माण में अधिक लागत की वजह से नगर पंचायत अपना हाथ उठा चुका है। नाला निर्माण की जरूरत को समझते हुए प्रशासनिक स्तर पर पहल शुरू करने के लिए बाजार के लोगों के द्वारा लगातार दवाब दिये जाने के बावजूद नाला का निर्माण नहीं किया जाना दिनानोदिन समस्या को विकराल करते जा रहा है। यदि सड़क के दोनो किनारे नाला का निर्माण करा दिया जाय तो जल जमाव की समस्या स्थाई तौर पर समाधान कर लिया जाएगा। बेनीपट्टी के मुख्य बाजार में वर्ष 2010-11 में पथ निर्माण विभाग के द्वारा आधा अधूरा नाला का निर्माण कर छोड़ दिया गया है। नाला का बहाव स्थिर रहने से बरसात के दिनों में नाला का पानी उठकर सड़क पर फैल जाता है। इससे उठ रहा दुर्गंंध बीमारी को आमंत्रित करता है। अन्य दिनों में भी करीब दो दर्जन से अधिक जगहों पर नाला के ऊपर का ठक्कन लीकेज रहने से निकल रहा बदबू राहगीरों एवं स्थानीय व्यवसायिों के लिए परेशानी का कारण बना है। नगर पंचायत के मुख्य बाजार में लोहिया चौक के निकट एक सुलभ शौचालय है। उसके बाद कहीं भी शौचालय एवं मुत्रालय की सुविधा उपलब्ध नहीं है। सार्वजनिक मुत्रालय नहीं रहने से बाजार आयी महिलाओं को काफी परेशानी झेलनी होती है। जरूरत परने पर महिलाओें को कई बार स्थानीय लोगों से उलझने की समस्याएं भी सामने आ चुकी है। जनकल्याण मंच के माध्यम से सदस्यों ने कई बार मुख्य चौराहों पर मुत्रालय की व्यवस्था करने की मांग प्रशासन से कर चुके हैं। बावजूद स्थिति जस की तस बनी है। नगर पंचायत का मुख्य बाजार पेयजल की आपूर्ति से वंचित है। करोड़ों का जलमिनार सिर्फ दिखावे के लिए है। इसका खामियाजा लोगों को तब भुगतना परा जब मई-जून की महीने में चापाकल ने जवाब दे दिया। जलमीनार रहते हुए बिछाये गये पाइप की स्थित दयनीय रहने से टैंकर से पानी का अपूर्ति कर लोगों को राहत पहुंचाया गया। यदि क्षतग्रिस्त पाइप दुरुस्त हो जाय तो पानी का सप्लाई नियमित होकर लोगों को राहत पहुंचा सकता है। नगर पंचायत होते हुए भी मुख्य बाजार में स्ट्रीट लाइट नहीं लगाया गया है। बिजली गुल होते ही बाजार की सड़कों पर अंधेरा छा जाती है। इससे न केवल राहगीरों को परेशानी होती है बल्कि चोरी, छिनइती के संभावनाएं भी बनी रहती है। अंधेरा का फायदा उठाकर शराब धंधेबाज अपने कारोबार को बेधड़क सड़क से टपाने में कामयाब होते हैं। नाला का निर्माण नहीं होने से बाजार का विकास ठप है। जमीन रहते हुए लोग सड़क किनारे घर बनाने से कतराते हैं। भूमि मालिकों के समक्ष सबसे बड़ी समस्या पानी बहाव का है। यदि वे घर बनाते हैं तो सबसे बड़ी समस्या पानी बहाव का रहता है। व्यवसायिक भवनों के लिए यह और अधिक विकराल समस्या बनी है। घरेलू पानी बहाव का साामाधान शोख्ता निर्माण से किया जा सकता है पर जहां बहुमंजली भवन बनाना हो वहां शोख्ता से समाधान करना संभव नहीं है। इसके लिए नाला से कनेक्शन होना आवश्यक है। बेनीपट्टी का बाजार सघन आबादी में बसा हुआ है। बाजार के सड़क के दोनों किनारे नाला का निर्माण आवश्यक है। सरिसव चौक स्थित बछराजा नदी से नाला कनेक्ट कर बाजार होते हुए उपकारा भवन के निकट रहे पुरानी कमला नदी से कनेक्श्न होने पर नियमित रूप से पानी का बहाव हो सकता है। इसकी मांग वर्षों से स्थानीय स्तर पर की जाती रही है, पर आज तक इसके समाधान के लिए ठोस पहल नहीं किया जा सका है। जिससे बाजार का विकास ठप है। बाजार के कई ऐसे प्लॉट है जिसके मालिक नाला के इंतजार में भवन का निर्माण नहीं कर पा रहे हैं। किराये के भवन के अभाव में लोग मधुबनी या फिर अन्य जगहों पर जाकर किराये पर रहे रहे हैं। कई निचले हस्सिे में सड़क पर ही सालों भर पानी बहाया जाता है जिससे वहां फिसलन बना रहता है। बाजार का मुख्य चौराहा लोहिया चौक पपर सालों पर पानी लगा रहता है। यदि नाला होता तो वहां पानी लगने की स्थायी समस्या का निदान स्वत: हो जाता। यही स्थिति बेहटा बाजार से पूरब मुख्य सड़क एवं शाखा सड़क की है। जहां हल्की बारिश में भी घुटने भर पानी लगा रहता है जिसका निकास या तो मुख्य सड़क से किया जा सकता है। कई बार टैंकर से पानी का निकास कराया जाता है ताकि स्थानीय लोगों को महामारी से बचाया जा सके।
बोले जिम्मेदार- बाजार की मुख्य सड़क के दोनों किनारे नाला का निर्माण करना एक बड़ा प्रोजेक्ट है। वरीय अधिकारियों के निर्देश पर सड़क के दोनों किराने नाला निर्माण कर उसे बछराजा नदी से कनेक्ट करने को लेकर एक योजना बनायी गयी है। स्ट्रीट लाइट एवं ब्लॉक रोड में नाला निर्माण के लिए बोर्ड से स्वीकृति प्राप्त है, इस पर शीघ्र ही काम शुरू किया जाएगा। - गौतम आनंद , काार्यपालक पदाधिकारी, नगर पंचायत।

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