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देश के लिए कुर्बान हो गए अकलू व गणेशी

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देश की आजादी के लिए 14 अगस्त 1942 को कुर्बान हो गये अकलू साह व गणेशी। अंग्रजी हुकूमत के थानेदार राजवली ठाकुर के द्वारा क्रांतिकारियों पर चलाई गोली से अकलू साह व गणेशी ठाकुर शहीद हो गये। ये बातें बुधवार को भाकपा की ओर से नीलम चौक स्थित शहीद स्मारक पर फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि देने के बाद हुई सभा को संबोधित करते हुए सीपीआई के जिला मंत्री मिथिलेश झा ने कही।

भाकपा के शहरी मंत्री मोतीलाल शर्मा की अध्यक्षता में हई सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि शहीदों के सपने का भारत बनाने के लिए युवाओं को संकल्पित होना होगा। तभी हम शोषण मुक्त समाज निर्माण में सफल हो सकते हैं। शहीदों के प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कृपानंद आजाद ने कहा कि अकलू व गणेशी ने देश की आजादी के लिए अपनी जान देकर शहर को गौरवान्वित किया। उनकी कुर्बानी को बेकार नहीं होने दिया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि देश संकट के दौर से गुजर रहा है। देश की एकता और अखंडता की रक्षा का हम सभी कार्यकर्ताओं को संकल्प लेकर राष्ट्र को एक रखना है। मौके पर अरविन्द प्रसाद, मनोज मिश्र, रामटहल पूर्वे, अशेश्वर यादव, सेर्वोदय नेता अगमलाल यादव, रामचरित्र मिश्र, बतुला खातुन, शांति देवी, गणेश झा, सुधीर राय आदि ने श्रद्धासुमन अर्पित कर सभा को संबोधित किया।

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  • Web Title:Aklu and Ganeshi sacrificed for the country