
सात दिन बाद चौकीदार के अपहृत पुत्र की लाश मिली,हत्या की आशंका
संक्षेप: अररिया संग्राम थाना के चौकीदार के 12 वर्षीय पुत्र आदित्य कुमार का 13 अक्टूबर को अपहरण किया गया था। 7 दिन बाद उसकी लाश धान के खेत में मिली। इससे इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस और चौकीदार के परिवार पर...
झंझारपुर। अररिया संग्राम थाना के चौकीदार के 12 वर्षीय पुत्र की लाश रविवार दोपहर 12:00 बजे थाना क्षेत्र के एक धान के खेत में मिली। चौकीदार शिवकुमार चौपाल के 12 वर्षीय पुत्र आदित्य कुमार का 13 अक्टूबर को अपहरण कर लिया गया था। अपहरण के 7 दिन के बाद लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। आक्रोशित लोग एनएच 27 को जाम करने के लिए बार-बार उत्तेजित हो रहे थे। लेकिन चौकीदार एवं उसके परिजन आमलोगों को और पड़ोसियों को एनएच 27 जाम करने से रोक रहे थे। पुलिस के खिलाफ भी लोगों का जबरदस्त आक्रोश दिख रहा था।

लोगों का कहना था कि जब पुलिस के अंग चौकीदार का बच्चा भी सुरक्षित नहीं है तो फिर आम लोगों की क्या हैसियत है। दोपहर बाद एसपी योगेंद्र कुमार लाश मिलने के स्थल पर पहुंचे। यह लाश रतुपार एवं अररिया मुख्य सड़क में धान के खेत में फेंकी हुई थी। स्थल पर जाकर एसपी ने डीएसपी,इंसेक्टर एवं थाना अध्यक्ष के साथ गहन मुआयना किया और पुलिस को आवश्यक निर्देश दिए। 13 अक्टूबर को 12 वर्षीय आदित्य 12:00 बजे दिन के बाद गायब हो गया। परिवार के लोग और चौकीदार उसकी काफी खोजबीन की। नहीं मिलने पर 14 अक्टूबर को थाना में चौकीदार ने अपने पुत्र के अपहरण किए जाने की एक प्राथमिकी दर्ज कराई। उसी दिन चौकीदार के दो पड़ोसी के मोबाइल पर अपहरण कर्ताओं ने इंस्टाग्राम पर 25 लाख के फिरौती की राशि की मांग की। सूचना मिलते ही पुलिस अनुसंधान शुरू कर दी। चार दिन तक पुलिस इंस्टाग्राम यूजर और उसमें प्रयुक्त किए गए मोबाइल नंबर की खोजबीन करती रही। कुछ संदिग्धों को हिरासत में भी लिया। पूछताछ भी की। मगर पुलिस की अनुसंधान पीछे रह गई और अपहरण कर्ता चौकीदार के पुत्र की हत्या कर लाश को खेतों में फेंक दिए। जिन चार या पांच संदिग्धों से पुलिस पूछताछ कर रही थी उन्ही सूत्र में से एक ने पुलिस को लाश के संभावित स्थल का संकेत दिया। पुलिस अनुसंधान अभी भी जारी है। इस अपहरण और हत्या के तरीके में कई सवाल उठ रहे हैं। क्या वाकई उसका अपहरण फिरौती के लिए किया गया था। जिस इंस्टाग्राम से फिरौती की मांग की गई थी उस पर अपहरण कर्ताओं ने अपहृत बालक आदित्य कुमार का एक फोटो भी भेजा था, ताकि विश्वास हो सके कि उनका लड़का उन्हीं के कब्जे में है। 25 लाख में 5 लाख नगद भेजने एवं 20 लाख रुपए ऑनलाइन भेजने के लिए स्कैनर भी भेजा गया। पुलिस स्कैनर की जब जांच की तो एक स्कैनर कर्नाटक राज्य का था, जबकि दूसरा स्कैनर खगड़िया का था। डीएसपी सुबोध कुमार सिन्हा ने बताया कि इंस्टाग्राम नया था। उसमें यूज किए गए नंबर को पता लगाने के लिए तकनीकी रूप से समय लगा। जो मोबाइल नंबर मिला उस पर जांच भी शुरू कर दी गई। कुछ लोगों को पूछताछ के लिए लाया गया है और सघन पूछताछ भी की जा रही है। डीएसपी दावा करते हैं कि हत्या में शामिल लोग और हत्या के कारण का जल्दी खुलासा होगा। फिलहाल अनुसंधान का बिंदु फिरौती या आपसी रंजिश के बीच घूम रहा है। चौकीदार के बड़े पुत्र की हत्या से मातम अररिया संग्राम के चौकीदार शिवकुमार चौपाल के बड़े पुत्र आदित्य कुमार 12 वर्ष की अपहरण के 7 दिन बाद लाश मिलने से परिवार पर कहर बरपा गया है। चौकीदार की पत्नी मृतक की मां का रो रो कर बुरा हाल था। लोग ढाढस बढ़ाने पहुंच रहे थे, मगर अपने ही आंसु रोक नहीं पा रहे थे। मृतक आदित्य छठवीं का छात्र था। चार भाई बहन था। पढ़ने में काफी होशियार था। अररिया संग्राम के थाना अध्यक्ष आयुष कुमार झा ने बताया कि यह चौकीदार काफी शांत प्रवृत्ति का था। ड्यूटी फूल था। जब वह प्राथमिकी दर्ज करने पहुंचा तो उसे कोई भान नहीं था कि उसके पुत्र का अपहरण कौन किया। किसने किया। उसकी दुश्मनी किससे होगी। हत्या क्यों हुई यक्ष प्रश्न है।

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